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Deoria News: देवरिया में चिकित्सा की नई मिसाल — केजीएमयू के आर्थोपेडिक स्पाइन सर्जन डॉ. एस. के. शर्मा ने किए दर्जनों मरीजों के घुटने और स्पाइन के सफल ऑपरेशन, पूर्वांचल में जगाई नई उम्मीद!

देवरिया: पूर्वांचल के लोगों के लिए राहत और गर्व की बात है कि अब उन्हें हड्डी, जोड़ और स्पाइन की गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए लखनऊ या दिल्ली नहीं जाना पड़ रहा। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ के प्रसिद्ध आर्थोपेडिक स्पाइन सर्जन डॉ. एस. के. शर्मा ने अपने देवरिया बोन जॉइंट एंड स्पाइन केयर सेंटर में दर्जनों मरीजों के घुटनों और रीढ़ की हड्डी (स्पाइन) के जटिल ऑपरेशन सफलतापूर्वक किए हैं। वही इन ऑपरेशनों ने न केवल दर्जनों परिवारों में खुशियां लौटाईं, बल्कि चिकित्सा जगत में देवरिया का नाम भी रोशन कर दिया।


आधुनिक तकनीक से जटिल ऑपरेशनों में मिली सफलता

डॉ. शर्मा और उनकी टीम ने यह सफलता आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों और सटीक सर्जिकल योजना की मदद से हासिल की।कई मरीज ऐसे थे जिन्हें वर्षों से दर्द था, जिनके घुटने मुड़ नहीं रहे थे या जो रीढ़ की हड्डी के विकारों के कारण बिस्तर पर ही सीमित हो गए थे।डॉ. शर्मा ने न केवल इन मरीजों का सफल ऑपरेशन किया बल्कि उन्हें कुछ ही हफ्तों में सामान्य जीवन में वापस लौटने की राह दिखाई।

उन्होंने बताया कि सर्जरी के दौरान मिनिमली इनवेसिव तकनीक (Minimal Invasive Surgery) का प्रयोग किया गया जिससे

  • मरीजों को कम दर्द हुआ,
  • रक्तस्राव बहुत कम हुआ,
  • और रिकवरी समय भी कम लगा।

कई मरीजों को 3-4 दिनों में ही अस्पताल से छुट्टी मिल गई और वे खुद चलकर घर लौटे।



मरीजों ने कहा – “डॉ. शर्मा ने हमें नया जीवन दिया”

देवरिया के भटनी ब्लॉक के रहने वाले 62 वर्षीय रामसागर गुप्ता बताते हैं —

“मैं पिछले पाँच साल से घुटनों के दर्द से परेशान था। डॉक्टरों ने कहा था कि अब सर्जरी ही विकल्प है। मैं डर के कारण ऑपरेशन नहीं करा रहा था, लेकिन जब डॉ. एस. के. शर्मा से मिला तो उनका आत्मविश्वास देखकर हिम्मत आई। ऑपरेशन के बाद अब मैं बिना सहारे के चल पा रहा हूँ। ऐसा लगता है जैसे फिर से जन्म मिला।”

इसी तरह, सलेमपुर की निवासी 45 वर्षीय मंजू देवी की रीढ़ की हड्डी में गंभीर समस्या थी। वह झुक भी नहीं पाती थीं।

“डॉ. शर्मा ने मेरा स्पाइन ऑपरेशन किया और अब मैं बिना दर्द के सामान्य जीवन जी रही हूँ। पहले सोचती थी कि ऐसी सर्जरी सिर्फ दिल्ली या मुंबई में होती है, लेकिन अब देवरिया में ही विश्वस्तरीय इलाज मिल रहा है।”



 पूर्वांचल में चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार

डॉ. एस. के. शर्मा का कहना है कि उनका उद्देश्य सिर्फ इलाज करना नहीं, बल्कि पूर्वांचल के हर घर तक हड्डी और स्पाइन स्वास्थ्य की जागरूकता पहुँचाना है।
उन्होंने कहा —

“देवरिया, गोरखपुर, सलेमपुर और आसपास के जिलों में हड्डी और जोड़ रोगों की समस्या तेजी से बढ़ रही है। इसका मुख्य कारण है —

  • बदलती जीवनशैली
  • गलत खानपान
  • धूप और व्यायाम की कमी
  • और सबसे बड़ी बात, समय पर जांच न कराना।”

उन्होंने यह भी बताया कि विटामिन D, कैल्शियम और विटामिन B12 की कमी शरीर की हड्डियों को कमजोर कर देती है, जिससे ऑस्टियोपोरोसिस, गठिया, डिस्क प्रोलैप्स, और घुटनों की जकड़न जैसी बीमारियाँ पनपती हैं।


आधुनिक तकनीक और डॉक्टर शर्मा का अनुभव बना सफलता की कुंजी

डॉ. एस. के. शर्मा पिछले कई वर्षों से किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (केजीएमयू), लखनऊ में कार्यरत रहे हैं और प्रशिक्षण प्राप्त कर चुके हैं।उन्होंने सैकड़ों स्पाइन फ्यूजन, डिस्क रिप्लेसमेंट, काइफोप्लास्टी, घुटना प्रत्यारोपण और आर्थ्रोस्कोपी सर्जरी सफलतापूर्वक की हैं।

उनका कहना है कि सही निदान, समय पर इलाज और सर्जरी के बाद की फिजियोथेरेपी ही सफलता का सबसे बड़ा रहस्य है।

“कई लोग ऑपरेशन से डरते हैं, लेकिन अगर सही तकनीक और अनुभवी हाथों से सर्जरी हो, तो डरने की कोई बात नहीं। अब घुटना या स्पाइन रिप्लेसमेंट सर्जरी पहले जैसी दर्दनाक नहीं रही। मरीज 3-4 दिन में उठकर चलने लगते हैं,” — डॉ. शर्मा।



 जनजागरूकता पर जोर — हर महीने निशुल्क स्वास्थ्य शिविर

डॉ. शर्मा हर महीने अपने क्लीनिक में निशुल्क हड्डी जांच शिविर आयोजित करते हैं।
इन शिविरों में बीएमडी टेस्ट, विटामिन D और B12 की जांच, फिजियोथेरेपी परामर्श और हड्डी रोगों की जानकारी दी जाती है।
इनका उद्देश्य है — “लोग बीमार होने से पहले ही सजग हो जाएं।”

अब तक हजारों मरीज इन शिविरों का लाभ उठा चुके हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले महीनों में वे ग्रामीण क्षेत्रों में जाकर “हड्डी-जोड़ जनजागरूकता अभियान” चलाने की योजना बना रहे हैं।


स्वास्थ्य सुझाव — डॉ. शर्मा की सलाह

  1. धूप में 15-20 मिनट रोज़ निकलें। इससे विटामिन D बनता है जो हड्डियों के लिए जरूरी है।
  2. खानपान में दूध, दही, पनीर, हरी सब्जियां और फल शामिल करें।
  3. विटामिन B12 के लिए अंडा, दूध और अनाज का सेवन करें।
  4. लंबे समय तक एक ही मुद्रा में बैठने से बचें।
  5. हर छह महीने में हड्डी जांच करवाएं।
  6. वजन नियंत्रित रखें — मोटापा घुटनों पर दबाव बढ़ाता है।


मरीजों के चेहरे पर लौटी मुस्कान

स्पाइन और घुटने के मरीजों के लिए दर्द से मुक्ति किसी वरदान से कम नहीं होती।
जिन मरीजों ने महीनों तक चलना छोड़ दिया था, वे अब डॉक्टर शर्मा की सर्जरी के बाद अपने पैरों पर खड़े हैं।
किसी ने फिर से खेती शुरू की, किसी ने नौकरी जॉइन की, तो कोई फिर से अपने बच्चों के साथ खेल रहा है।

देवरिया जिले के कई गांवों में अब लोग कहते हैं —

“अगर हड्डी या स्पाइन की कोई दिक्कत हो तो लखनऊ नहीं, सीधे देवरिया बोन जॉइंट एंड स्पाइन केयर सेंटर जाओ — वहां डॉ. शर्मा हैं।”

 


डॉ. एस. के. शर्मा ने यह साबित कर दिया कि संवेदनशीलता, अनुभव और आधुनिक तकनीक के मेल से कोई भी कठिन ऑपरेशन असंभव नहीं।उन्होंने पूर्वांचल के उन लोगों को नई जिंदगी दी है जो दर्द में तड़प रहे थे और महंगे इलाज के कारण हिम्मत हार चुके थे। आज देवरिया का यह क्लीनिक न केवल चिकित्सा का केंद्र है बल्कि उम्मीद और विश्वास का प्रतीक बन चुका है। 


डॉ. एस. के. शर्मा का संदेश:

“हमारा मकसद मरीजों को सिर्फ इलाज देना नहीं, बल्कि उन्हें दर्द से मुक्त कर स्वस्थ जीवन की ओर लौटाना है।
हर इंसान को यह हक है कि वह बिना दर्द के, आत्मविश्वास के साथ जीवन जिए — यही हमारा मिशन है।