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Bihar Election 2025: तेज प्रताप यादव बोले – “जयचंद मेरी हत्या करवाना चाहता है”, लालू परिवार में बढ़ी सियासी तकरार, केंद्र सरकार से सुरक्षा की मांग के बाद मचा हड़कंप


रिपोर्ट:सत्य प्रकाश तिवारी 

तेज प्रताप यादव का सनसनीखेज बयान – “मेरी हत्या की साजिश रची जा रही है”

बिहार में विधानसभा चुनाव 2025 की सरगर्मी अपने चरम पर है, और इसी बीच आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तथा जनशक्ति जनता दल (JJD) के संस्थापक तेज प्रताप यादव का एक सनसनीखेज बयान सामने आया है।तेज प्रताप ने एक वायरल वीडियो में दावा किया है कि उनकी हत्या की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि “जयचंद मेरी हत्या करवाना चाहता है” और केंद्र सरकार से अपनी सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है।



वायरल हुआ तेज प्रताप का वीडियो – बोले, “मेरी रैलियों में तोड़फोड़ करवा रहे हैं”

शुक्रवार देर रात सोशल मीडिया पर तेज प्रताप यादव का एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें वे कार में बैठे एक व्यक्ति से वीडियो कॉल पर बात कर रहे हैं।
वीडियो में तेज प्रताप कहते दिख रहे हैं –

“जयचंद मुझे मरवाना चाहता है। मेरी रैलियों में लोगों को भेजकर तोड़फोड़ करवा रहा है। हमारे दुश्मन हर जगह फैले हुए हैं।”

उन्होंने कहा कि कुछ लोग उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं और उनके राजनीतिक अभियान को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं।इस बयान के बाद बिहार की सियासत में हलचल मच गई है। राजनीतिक गलियारों में इस बात को लेकर चर्चा तेज है कि तेज प्रताप का इशारा आखिर किसकी ओर है?


"जयचंद" शब्द से गरमाई राजनीति – किस पर निशाना साध रहे तेज प्रताप?

तेज प्रताप यादव ने किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया, लेकिन “जयचंद” शब्द के इस्तेमाल से राजनीतिक हलकों में खलबली मच गई है।बिहार की राजनीति में “जयचंद” शब्द का मतलब होता है विश्वासघात करने वाला या भीतरघात करने वाला व्यक्ति

राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि तेज प्रताप का यह बयान उनके राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों के साथ-साथ परिवार के अंदरूनी मतभेदों की ओर भी इशारा करता है।
लालू परिवार में पहले से ही तेजस्वी और तेज प्रताप के बीच मतभेद की खबरें आती रही हैं। ऐसे में इस बयान ने यह चर्चा फिर से जिंदा कर दी है कि तेज प्रताप का “जयचंद” आखिर कौन है?


राजद से अलग होकर तेज प्रताप की नई राह – बनी नई पार्टी, बढ़ाई सक्रियता

तेज प्रताप यादव ने कुछ महीने पहले राजद से अलग होकर अपनी पार्टी “जनशक्ति जनता दल (JJD)” बनाई थी।इसके बाद से वे लगातार बिहार के अलग-अलग जिलों में रैलियां, जनसभाएं और यात्राएं कर रहे हैं।
उनका लक्ष्य है कि वे खुद की स्वतंत्र राजनीतिक पहचान बनाएं और “लालू यादव की विरासत” को अपनी दिशा में मोड़ें।

तेज प्रताप पहले भी कई बार बयान दे चुके हैं कि उन्हें पार्टी और परिवार में “विश्वासघात” का सामना करना पड़ा है।उनका कहना है कि “मैंने सच्चाई की राह चुनी है, लेकिन अपनों ने ही पीठ में छुरा घोंपा।”
अब उनका नया बयान इस बात को और हवा दे रहा है कि वे राजनीतिक और पारिवारिक तौर पर बेहद अलग-थलग महसूस कर रहे हैं।




केंद्र सरकार से सुरक्षा बढ़ाने की मांग – “मेरी जान को खतरा है”

वायरल वीडियो में तेज प्रताप ने स्पष्ट शब्दों में कहा –

“मैं केंद्र सरकार से निवेदन करता हूं कि मेरी सुरक्षा बढ़ाई जाए। कुछ जयचंद मेरी हत्या करवाने की साजिश कर रहे हैं। मेरे दुश्मन हर जगह फैले हुए हैं।”

तेज प्रताप ने दावा किया कि उनकी रैलियों में अशांति फैलाने के लिए कुछ लोग पैसे देकर गुंडों को भेज रहे हैं।उन्होंने कहा कि उन्हें अपनी जान को असली खतरा महसूस हो रहा है, इसलिए केंद्र को तुरंत सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी चाहिए।अब तक बिहार पुलिस या केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों की तरफ से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।



चुनावी माहौल में बयान से मची हलचल

तेज प्रताप यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बिहार विधानसभा चुनाव निर्णायक मोड़ पर है।
एनडीए और महागठबंधन दोनों गठबंधन अपनी पूरी ताकत के साथ मैदान में हैं।
ऐसे में लालू परिवार से जुड़ी यह नई राजनीतिक हलचल चुनावी समीकरणों पर असर डाल सकती है।

राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि तेज प्रताप यादव का यह बयान दो मकसद पूरे करता दिख रहा है —

  1. सहानुभूति लहर पैदा करना।
  2. खुद को सुर्खियों में बनाए रखना।

उनके समर्थक इसे एक “साजिश का खुलासा” मान रहे हैं, जबकि विरोधी इसे “राजनीतिक नाटक” बता रहे हैं।


विश्लेषण – तेज प्रताप का यह बयान क्यों अहम है?

  • बिहार में लालू परिवार की अंदरूनी राजनीति हमेशा चर्चा में रही है।
  • तेजस्वी यादव जहां महागठबंधन के नेता के तौर पर उभर रहे हैं, वहीं तेज प्रताप खुद को “लालू का असली वारिस” बताने की कोशिश कर रहे हैं।
  • इस बयान से यह साफ है कि तेज प्रताप अब अपनी सियासी लड़ाई को व्यक्तिगत और भावनात्मक रंग दे रहे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेज प्रताप का यह बयान एक ओर उन्हें मीडिया की सुर्खियों में लाता है, तो दूसरी ओर परिवार के भीतर तनाव को भी उजागर करता है।





 बिहार की सियासत में नई करवट

तेज प्रताप यादव का “जयचंद मेरी हत्या करवाना चाहता है” वाला बयान बिहार की सियासी जमीन को एक बार फिर गर्म कर गया है।जहां एक ओर यह बयान उनके राजनीतिक अलगाव की गवाही देता है, वहीं दूसरी ओर यह संकेत भी देता है कि लालू परिवार की अंदरूनी लड़ाई अब खुलकर मंच पर आ चुकी है।

अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि बिहार पुलिस, केंद्र सरकार या तेजस्वी यादव इस मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।पर इतना तो तय है कि इस बयान ने Bihar Election 2025 के माहौल को और भी ज्यादा ड्रामा, भावनाओं और सियासी रोमांच से भर दिया है।