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Chhatishgadh News: तुम जैसे लोग UPSC नहीं निकाल सकते’… ताना मारने वाले को ऑफिस में पिलाई चाय, आज आईपीएस पर लगा यौन उत्पीड़न का आरोप!

रायपुर। छत्तीसगढ़ पुलिस के सीनियर आईपीएस अधिकारी रतनलाल डांगी इन दिनों गंभीर विवादों में घिरे हुए हैं। एक महिला ने उन पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है, जिसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें चंदखुरी स्थित पुलिस अकादमी से हटाकर पुलिस मुख्यालय में अटैच कर दिया है। गृह विभाग के सचिव ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। मामले की जांच चल रही है और पूरे घटनाक्रम पर पुलिस विभाग व प्रशासन की नजर है।


शिकायत एसआई की पत्नी ने की

सूत्रों के अनुसार, शिकायत दर्ज कराने वाली महिला एक सब इंस्पेक्टर की पत्नी है। महिला ने पुलिस मुख्यालय में दिए गए लिखित आवेदन में आरोप लगाया कि वर्ष 2017 से 2024 तक रतनलाल डांगी ने शोषण किया। महिला का दावा है कि उसके पति की पोस्टिंग बदलवाने के नाम पर उस पर दबाव बनाया गया। मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग ने तुरंत जांच शुरू कर दी है।



तेज-तर्रार छवि वाले अधिकारी

रतनलाल डांगी 2003 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं और कई जिलों में एसपी, कमांडेंट तथा पुलिस अकादमी में अहम पदों पर तैनात रहे हैं। सख्त प्रशासन और त्वरित कार्रवाई के लिए उनकी गिनती तेज-तर्रार अफसरों में होती है। लेकिन अब गंभीर आरोपों ने उनकी छवि पर धब्बा लगा दिया है।


कहां से शुरू हुआ सफर

राजस्थान के नागौर जिले के मालास गांव में जन्मे रतनलाल डांगी का बचपन साधारण परिवार में बीता। पढ़ाई के साथ संघर्ष चलता रहा, लेकिन सपने बड़े थे। आईएएस-आईपीएस बनने की इच्छा मन में थी। नौकरी के बाद रात में पढ़ाई करना उनका रूटीन था। इसी दौरान उनकी जिंदगी में एक ऐसा मोड़ आया जिसने सब बदल दिया।


वो ताना जिसने बना दी जिद

खुद रतनलाल ने सोशल मीडिया पर बताया था कि 1996-97 में नौकरी के बाद रात को यूपीएससी की तैयारी करते समय अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोश हो गए। मकान मालिक उन्हें अस्पताल लेकर गए। जब वह होश में आए तो एक शख्स आया और पूछा—
“क्या करते हो?”

डांगी ने बताया—
“नौकरी के बाद UPSC की तैयारी करता हूं।”

इसके बाद उस शख्स ने हंसते हुए कहा—

“तुम जैसे लोग ये परीक्षा नहीं निकाल सकते। अपना शरीर और समय दोनों बर्बाद कर रहे हो। जाकर आइने में अपनी शक्ल देखो।”

यह ताना दिल पर लगा। उसी दिन उन्होंने ठान लिया— अब करके दिखाएंगे।




पहली जीत: बने नायब तहसीलदार

कुछ समय बाद उन्होंने राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की परीक्षा पास कर नायब तहसीलदार का पद हासिल किया। संयोग से एक दिन वही शख्स किसी काम से उनके दफ्तर पहुंचा।
डांगी ने:

  • उसका काम करवाया
  • चाय व पानी पिलवाया
  • और फिर बताया—

“मैं वही लड़का हूं, जिसे आपने कहा था कि UPSC नहीं निकाल पाएगा।”

यह सुनकर वह शख्स बिना कुछ बोले ऑफिस से चला गया।


तीन सरकारी नौकरियां छोड़कर बने IPS

रतनलाल पहले शिक्षक, फिर टैक्स इंस्पेक्टर, और बाद में नायब तहसीलदार बने। लेकिन उनका लक्ष्य अभी पूरा नहीं हुआ था। उन्होंने तीनों नौकरियां छोड़ दीं और चौथे प्रयास में UPSC पास किया।
साल 2003 में वे IPS बने और प्रशिक्षण के बाद छत्तीसगढ़ कैडर मिला।


अब गंभीर आरोपों से घिरे

एक ओर जहां उनकी उपलब्धियां प्रेरणा बनीं, वहीं दूसरी ओर उन पर लगे आरोपों ने चर्चाओं को जन्म दिया है। शिकायत के बाद उन्हें तत्काल पुलिस अकादमी से हटाया गया और जांच शुरू की गई।

सरकार की कार्रवाई ✔ शिकायत दर्ज
✔ महिला का बयान
✔ विभागीय जांच शुरू
✔ आदेश जारी होते ही पुलिस अकादमी से हटाया गया
✔ फिलहाल मुख्यालय में अटैच


जांच के बाद तय होगी अगली कार्रवाई

मामला फिलहाल प्रारंभिक जांच में है। आरोप सही पाए गए तो सख्त विभागीय एक्शन तय है, और अगर आरोप गलत साबित हुए तो उन्हें फिर से जिम्मेदारी मिल सकती है।