सत्य प्रकाश तिवारी
देवरिया: कूल्हे, कमर और जांघ में होने वाला दर्द आज एक आम समस्या बन चुका है। घरों से लेकर दफ्तरों तक, हर उम्र के लोग इससे परेशान दिखते हैं। उठने-बैठने, चलने, सीढ़ियां चढ़ने जैसे सामान्य काम भी कई मरीजों के लिए चुनौती बन जाते हैं। लेकिन अब इस गंभीर दर्द से जूझ रहे मरीजों के लिए राहत की बड़ी खबर आई है। देवरिया जिले में देवरिया बोन, ज्वाइंट & स्पाइन केयर सेंटर के विशेषज्ञ डॉ. एस. के. शर्मा आधुनिक चिकित्सा तकनीकों के साथ कूल्हे, जोड़ और स्पाइन से जुड़ी बीमारियों का सफल इलाज कर रहे हैं।
कूल्हे के दर्द के बढ़ते मामले, हर दूसरा मरीज परेशान
कूल्हे का दर्द सिर्फ उम्र बढ़ने की वजह से नहीं होता, बल्कि बदलती जीवनशैली और कामकाजी आदतों ने भी इसे तेज़ी से बढ़ाया है। डॉक्टरों के मुताबिक—
- लंबे समय तक कुर्सी पर बैठकर काम
- ज्यादा वजन
- पुरानी दुर्घटना
- कैल्शियम और विटामिन डी की कमी
- हड्डियों का कमजोर होना
- गठिया व जॉइंट डिजीज
—ये सब कूल्हे के दर्द को बढ़ाते हैं।
देवरिया, गोरखपुर और आसपास के जिलों में भी पिछले कुछ वर्षों में ऐसे मरीजों की संख्या काफी बढ़ी है जो उठने-बैठने में असहनीय पीड़ा झेल रहे हैं।
कूल्हे के दर्द के आम लक्षण, जिन पर ध्यान न देना पड़ सकता है भारी
डॉ. शर्मा बताते हैं कि कूल्हे का दर्द शुरू में हल्का रहता है, लेकिन अनदेखी करने पर यह गंभीर रूप ले लेता है। दर्द के आम लक्षण—
- उठने-बैठने में असहजता
- जांघ और कमर में खिंचाव
- पैर में सुन्नपन या झुनझुनी
- चलने पर तेज दर्द
- एक पैर पर खड़े होने में दिक्कत
- सीढ़ियां चढ़ने में असहनीय तकलीफ
यदि मरीज समय रहते इलाज न ले तो हड्डी घिसने लगती है और जॉइंट डैमेज होने लगता है।
देवरिया में आधुनिक उपचार — डॉ. एस. के. शर्मा ने बढ़ाया भरोसा
देवरिया में ऐसे विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी महसूस की जाती थी, लेकिन डॉ. एस. के. शर्मा, जो केजीएमयू (लखनऊ) जैसे प्रतिष्ठित संस्थान से प्रशिक्षित हैं, अब मरीजों को बिना सर्जरी और सर्जरी—दोनों तरीकों से उच्च स्तरीय इलाज उपलब्ध करा रहे हैं।
उनकी विशेषज्ञता—
- हड्डी व जोड़ों के रोग
- स्पाइन सर्जरी
- कूल्हा व घुटना दर्द उपचार
- कमर व गर्दन के दर्द का इलाज
- फ्रैक्चर और ट्रॉमा के केस
- जोड़ प्रत्यारोपण (Joint Replacement)
डॉ. शर्मा कहते हैं, “कूल्हे के दर्द का हर मरीज का कारण अलग होता है, इसलिए सही डायग्नोसिस सबसे जरूरी है। कई मरीजों को बिना सर्जरी ही फिजियोथेरेपी, दवाओं, एक्सरसाइज और स्टेम सेल जैसी आधुनिक तकनीकों से राहत मिल जाती है।”
बिना सर्जरी के मिल रही राहत — कम खर्च में सफल उपचार
कई मरीजों का यह डर होता है कि कूल्हा दर्द आने का मतलब सर्जरी ही है, लेकिन ऐसा नहीं है। डॉ. शर्मा बताते हैं—
- व्यायाम और फिजियोथेरेपी की सही तकनीक
- इंजेक्शन थेरेपी (PRP, स्टेम सेल)
- कैल्शियम-विटामिन डी की कमी का इलाज
- लाइफस्टाइल मॉडिफिकेशन
- अल्ट्रासाउंड व लेजर थेरेपी
इन तरीकों से 60–70% मरीजों को बिना सर्जरी राहत मिल जाती है।
गंभीर मामलों में भी सफल ऑपरेशन, देवरिया के लिए बड़ी उपलब्धि
जो मरीज बिल्कुल चल नहीं पाते थे, या जिनका जॉइंट काफी घिस चुका था, उन्हें डॉ. शर्मा ने सफल ऑपरेशन कर दोबारा सामान्य जीवन दिया है। इनके द्वारा किए गए कई ऑपरेशन देवरिया व आसपास के जिलों के लिए एक मिसाल बने हैं।
कई बुजुर्ग मरीज, जो सालों से दर्द में थे, अब बिना सहारे चल पा रहे हैं। युवाओं में खेल चोटों से जुड़े मामलों में भी सफल उपचार होने से उन्हें फिर से सक्रिय जीवन मिला।
क्यों जरूरी है समय पर इलाज?
कूल्हे का दर्द अगर नजरअंदाज किया जाए तो—
- हड्डी पूरी तरह घिस सकती है
- चलना-फिरना लगभग असंभव हो सकता है
- नसों पर दबाव बढ़ सकता है
- स्थायी अपंगता का खतरा बढ़ जाता है
इसलिए डॉ. शर्मा सलाह देते हैं कि मरीज शुरुआती लक्षणों पर ही जांच कराएं।
कहाँ और कब मिलेगी सुविधा?
देवरिया बोन, ज्वाइंट & स्पाइन केयर सेंटर
गुरुद्वारा के पीछे, डॉ. स्कैन के पास, न्यू कॉलोनी, देवरिया (उ.प्र.)
OPD समय:
✔ सोमवार से शनिवार: सुबह 10 बजे से शाम 7 बजे तक
✔ रविवार: बंद
संपर्क करें
📞 7307670765, 9415503012
मरीजों के लिए संदेश
डॉ. शर्मा कहते हैं—
“कूल्हे का दर्द जिंदगी को रुकने नहीं देता, समय पर इलाज लेने से मरीज पूरी तरह स्वस्थ हो सकते हैं। दर्द को हल्के में न लें और विशेषज्ञ से जांच अवश्य कराएं।”

