सत्य प्रकाश तिवारी
दिल्ली: भारत में हर साल लाखों युवा IAS, IPS, IFS और IRS बनने का सपना लेकर UPSC सिविल सेवा परीक्षा में शामिल होते हैं। कठिन परीक्षाओं, तीन चरणों की लंबी प्रक्रिया और बेहद कम चयन संख्या के बावजूद कुछ संस्थान ऐसे हैं जिनका नाम लगातार सफलता की वजह से चर्चा में रहता है। इन्हीं में सबसे ऊपर है दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU)—जिसे आज पूरे देश में ‘UPSC की फैक्ट्री’ कहा जाता है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पिछले कई दशकों में जितने सफल IAS, IPS और अन्य सिविल सर्वेंट दिए हैं, वह किसी भी भारतीय विश्वविद्यालय से कहीं अधिक हैं। यही वजह है कि UPSC की तैयारी कर रहे युवा DU को एक “सुनहरा लॉन्चपैड” मानते हैं।
क्यों DU कहलाती है ‘UPSC की फैक्ट्री’ ?
1. सबसे ज्यादा सफल उम्मीदवार DU से
कई रिपोर्ट्स बताती हैं कि दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पिछले 40–50 वर्षों में UPSC में सबसे अधिक सफल उम्मीदवार दिए हैं।
- एक अध्ययन के अनुसार 1975 से 2014 के बीच DU के 4,000 से ज्यादा छात्र IAS, IPS और IFS बने।
- वर्तमान वर्षों में भी DU छात्र UPSC टॉपर्स की सूची में बड़ी संख्या में दिखाई देते हैं।
St. Stephen’s College, Hindu College, Hansraj College, Ramjas College, Miranda House और Kirori Mal जैसे प्रतिष्ठित कॉलेजों ने देश को सैकड़ों टॉप IAS अधिकारी दिए।
2. देश का सबसे बड़ा कोचिंग हब DU के आसपास
दिल्ली यूनिवर्सिटी का नॉर्थ कैंपस और साउथ कैंपस, दोनों ही UPSC तैयारी के लिए रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत स्थान हैं।
- मुखर्जी नगर,
- ओल्ड राजिंदर नगर,
- करोल बाग
जैसे बड़े UPSC कोचिंग हब DU से सिर्फ कुछ किलोमीटर की दूरी पर हैं।
स्टूडेंट कॉलेज के बाद आसानी से कोचिंग और लाइब्रेरी पहुंच जाते हैं, जिससे उनकी तैयारी और मजबूत होती है।
3. विषयों की विविधता – UPSC का मजबूत आधार
DU में लगभग हर विषय मिलता है—
- राजनीतिक विज्ञान
- इतिहास
- समाजशास्त्र
- अर्थशास्त्र
- भूगोल
- अंग्रेजी/हिंदी साहित्य
ये सभी UPSC के मुख्य विषय हैं।
यही कारण है कि DU का पाठ्यक्रम और वातावरण स्वयं सिविल सेवा की एक “अनौपचारिक तैयारी” जैसा बन जाता है।
4. बहुभाषी और सामाजिक विविधता
दिल्ली यूनिवर्सिटी में भारत के हर राज्य से छात्र आते हैं।
यहाँ का माहौल—
- बहुभाषी,
- बहुसांस्कृतिक
और UPSC इंटरव्यू (पर्सनैलिटी टेस्ट) के लिए बेहद उपयोगी होता है।
छात्रों का जनरल अवेयरनेस, विचार क्षमता और बहस-विमर्श की आदत मजबूत हो जाती है।
5. DU टॉपर्स की लंबी सूची
हर वर्ष UPSC फाइनल रिजल्ट में दर्जनों DU छात्र सूची में शामिल होते हैं।
IAS टॉपर्स के कई इंटरव्यू में यह बात सामने आती है कि DU का माहौल, लाइब्रेरियों, कॉलेज सोसाइटीज और कोचिंग हब का संयोजन उन्हें मजबूत बनाता है।
अन्य विश्वविद्यालय भी दे रहे कड़ी टक्कर
हालांकि DU सबसे ऊपर है, लेकिन अन्य संस्थान भी तेजी से UPSC में सफल उम्मीदवार दे रहे हैं—
- JNU (जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय)
- IITs (खासकर IIT Delhi और IIT Bombay)
- BHU (काशी हिंदू विश्वविद्यालय)
- हैदराबाद विश्वविद्यालय
- आल्मा मेटर–अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU)
इन सभी में से JNU को DU के बाद दूसरे नंबर पर UPSC सफलता के लिए जाना जाता है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी को ‘UPSC की फैक्ट्री’ यूं ही नहीं कहा जाता।
सबसे अधिक सफल IAS/IPS अफसर देने का इतिहास, उत्कृष्ट अकादमिक माहौल, देश का सबसे बड़ा कोचिंग नेटवर्क और विविधता से भरा छात्र जीवन—ये सभी इसे UPSC तैयारी के लिए देश का सबसे मजबूत और सफल विश्वविद्यालय बनाते हैं।
अगर आप UPSC की तैयारी का सपना देख रहे हैं, तो DU आपके करियर की एक सशक्त शुरुआत हो सकती है।

