Breaking News

UP NEWS:“हमारे साथ अन्याय हुआ… जानबूझकर रेल की पटरी पर सिर नहीं रखूंगा”अखिलेश से मुलाकात के बाद आज़म का बड़ा बयान, बिहार की राजनीति पर भी साधा निशाना


लखनऊ:समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान ने रविवार को लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात की। यह जेल से रिहा होने के बाद दोनों नेताओं की दूसरी बड़ी मुलाकात थी। मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आजम खान ने कई तीखे तेवर दिखाए। उन्होंने कहा कि उनके साथ अन्याय हुआ है और ऐसा किसी और के साथ नहीं होना चाहिए। आजम ने यह भी कहा कि वह जानबूझकर रेल की पटरी पर सिर नहीं रखेंगे। उनके इस बयान ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है।


आजम बोले— “मेरे साथ हुआ अन्याय, अदालत से सभी को न्याय मिले”

मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में आजम खान ने कहा,“हम वही बात करते हैं कि जिस तरह की नाइंसाफी मेरे साथ हुई, वह किसी और के साथ न हो।लोगों को अदालतों से न्याय मिलना चाहिए। एजेंसियों को न्याय करना चाहिए।मेरे साथ, मेरे परिचितों के साथ और जौहर यूनिवर्सिटी के साथ जो हुआ, वह गलत था।”आजम ने कहा कि उनकी लड़ाई अब सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि उन सभी लोगों के लिए है जिन्हें सिस्टम से न्याय नहीं मिलता।



बिहार का जिक्र, जंगलराज का तंज और ‘पटरी पर सिर’ वाली बात

जब आजम खान से बिहार में चुनाव प्रचार को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने नीतीश कुमार सरकार पर हमला बोलते हुए कहा,“बताया जा रहा है कि बिहार में जंगलराज है। जंगल में आदमी नहीं रहते।मैं जंगलराज में कैसे जाऊं?मैं जानबूझकर रेल की पटरी पर सिर नहीं रखूंगा।”

उनका यह बयान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के शासन पर व्यंग्य माना गया। आजम खान ने आगे कहा,
“मेरे पास कोई सुरक्षा नहीं है। अकेला कैसे जाऊं बिहार?
जाने का मन है, लेकिन असुरक्षा लेकर नहीं जाऊंगा।”


ओवैसी पर बिना नाम लिए निशाना, “हम पर रहम करें”

आजम खान ने बिना नाम लिए AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा,
“मेरी उनसे गुज़ारिश है कि हम पर रहम करें।हमें बर्बाद न करें।लोग क्यों चाहते हैं कि हम टुकड़ों में बंट जाएं?बिहार का दूसरा चरण बचा है, नुकसान मत पहुँचाइए।”राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह बयान मुस्लिम मतदाताओं में बिखराव की चिंता को दर्शाता है।


अखिलेश ने साझा की तस्वीर, बोले— “यह हमारी साझी विरासत”

मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया ‘एक्स’ पर आजम खान के साथ तस्वीरें साझा करते हुए लिखा—“आज वो हमारे घर आए, जाने कितनी यादें वो अपने साथ-साथ ले आए।
यह मेल-मिलाप और मिलन हमारी साझी विरासत है।”
अखिलेश के इस संदेश को सपा और आजम खान के रिश्तों में मजबूती का प्रतीक माना जा रहा है।सूत्रों का कहना है कि पार्टी आने वाले दिनों में आजम खान को सक्रिय भूमिका में देख सकती है।


सियासी मायने— क्या लौट रहे हैं आजम?

रामपुर से 10 बार विधायक रहे आजम खान का यूपी की राजनीति में हमेशा बड़ा कद रहा है।
जेल से रिहाई के बाद यह दूसरी मुलाकात बताती है कि आजम खान अब राजनीतिक रूप से सक्रिय होने को तैयार हैं।

विशेषज्ञ मानते हैं—

  • मुस्लिम वोटरों में आजम की पकड़ अब भी मजबूत
  • पश्चिम यूपी में SP को आजम की जरूरत
  • 2027 विधानसभा और 2029 लोकसभा में उनकी भूमिका अहम हो सकती है
  • जौहर यूनिवर्सिटी का मुद्दा फिर सियासत का केंद्र बन सकता है