कानपुर: उत्तर प्रदेश पुलिस महकमे में इन दिनों एक नाम ने बवाल खड़ा किया हुआ है—डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला। खाकी की आड़ में बेहिसाब दौलत कमाने के आरोपों के बीच, शुक्ला पर अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई हुई है। आरोप है कि 28 साल की नौकरी में उन्होंने 100 से 300 करोड़ रुपए की संपत्ति खड़ी कर दी। और यह पूरा राज खुला—उनके बेटे की शाही शादी से।
200 करोड़ के इटरनिटी रिसॉर्ट में शादी, बड़े-बड़े VIP गवाह
कुछ दिन पहले कानपुर के प्रीमियम इटरनिटी रिसॉर्ट में एक भव्य शादी का आयोजन किया गया। यही वह शादी थी, जिसमें डीएसपी ऋषिकांत शुक्ला के बेटे की बारात पहुंची। यह वही रिसॉर्ट है जिसकी कीमत 200 से 250 करोड़ के बीच बताई जाती है और जहां आम लोगों की पहुंच मुश्किल होती है।
इस शादी में सांसद, विधायक, बीजेपी के 18 जिलाध्यक्ष, कई आईएएस-आईपीएस और डीआईजी रैंक के अधिकारी शामिल हुए। शादी की शान इतनी आलीशान थी कि लोग दंग रह गए—भारी डेकोरेशन, लाखों का संगीत, और हाई-प्रोफाइल मेहमानों की मौजूदगी।
वायरल वीडियो ने उठाए सवाल
शादी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हुआ। वीडियो में कई बड़े अफसर डांस फ्लोर पर ठुमके लगाते दिखाई दिए। यह वीडियो फैला तो पुलिस विभाग में सवाल उठने शुरू हो गए कि—
एक डीएसपी अपने बेटे की शादी में इतना शाही खर्च कैसे कर सकता है?
रिसॉर्ट बुकिंग किस पैसों से हुई?
मेहमानों की सूची इतनी VIP क्यों?
इसी वीडियो ने पूरा मामला सुर्खियों में ला दिया। मामला सरकार तक पहुंचा और जांच बैठा दी गई।
जांच के बाद हुआ बड़ा खुलासा
विजिलेंस और एसआईटी जांच शुरू होने के बाद जो जानकारी सामने आई, उसने पूरे सिस्टम को हैरान कर दिया।
✔ पॉश आर्यनगर में 11 दुकानें — कीमत करीब 92 करोड़ रुपए
✔ आर नगर में चार मंजिला इमारतें
✔ कई कंपनियों में हिस्सेदारी
✔ रियल एस्टेट में भारी निवेश
✔ परिवार और रिश्तेदारों के नाम पर संपत्तियाँ
✔ गोवा, पंजाब और चंडीगढ़ में भी संपत्ति के संकेत
जांच रिपोर्ट में कहा गया कि शुक्ला और परिवार की संपत्ति घोषित आय से कई गुना अधिक है और इसे वैध स्रोतों से साबित करना मुश्किल है।
28 साल की नौकरी, लेकिन संपत्ति बिजनेस टाइकून जैसी
ऋषिकांत शुक्ला ने 28 साल तक पुलिस में नौकरी की।
- 8 साल दारोगा
- 3 साल इंस्पेक्टर
- 17 साल डीएसपी
लेकिन नौकरी के मुकाबले उनकी संपत्ति कई सौ गुना ज्यादा निकली।
शक यहीं से शुरू हुआ—
पुलिस विभाग में चर्चा फैल गई कि कहीं यह पैसा
- अवैध वसूली,
- बिल्डर कनेक्शन,
- या जमीन कारोबार से तो नहीं?
जब मामला गर्म हुआ, ऋषिकांत शुक्ला मीडिया के सामने आए। उन्होंने कहा—
✔ “शादी की पूरी व्यवस्था लड़की वालों ने की थी, मैंने नहीं।”
✔ “रिसॉर्ट उन्होंने चुना था, मैं रोक नहीं सकता था।”
✔ “मेरी संपत्ति पैतृक है, दादा इंस्पेक्टर थे और पिता मैनेजर।”
✔ “मेहनत की कमाई को भ्रष्टाचार कहना गलत है।”
उन्होंने आश्वासन दिया कि वह सभी दस्तावेज पेश करेंगे।
लेकिन सवाल अभी भी वहीं है—
क्या घोषित आय इतनी बड़ी संपत्ति को साबित कर सकती है?
क्यों बढ़ी पुलिस और सरकार की टेंशन?
- शादी में मौजूद VIP मेहमान अब जांच के दायरे में
- कई बड़े बिल्डरों से लिंक की जांच
- कई कंपनियों का डेटा खंगाला जा रहा
- परिवार की बैंक हिस्ट्री खंगाली जा रही है
अगर संपत्तियों का स्रोत साबित नहीं हुआ, तो मामला
➡ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम
➡ अवैध रूप से अर्जित संपत्ति कानून
➡ और संभवतः मनी लॉन्ड्रिंग तक पहुंच सकता है।
कानपुर पुलिस में खलबली
पुलिस विभाग में यह चर्चा तेजी से फैल रही है कि शुक्ला की पोस्टिंग हमेशा उन्हीं जगहों पर रही जहां जमीन कारोबार सबसे तेज था।इससे अंदेशा जताया जा रहा है कि जमीन और बिल्डर लॉबी से संभवतः आर्थिक लाभ लिया गया हो।विभागीय अधिकारियों का कहना है—“अगर यह केस खुला तो कई और नाम सामने आएंगे।”
अभी की स्थिति
डीएसपी शुक्ला को सस्पेंड कर दिया गया है
विजिलेंस और एसआईटी जांच जारी है
संपत्तियों की सूची तैयार हो चुकी है
दस्तावेज़ों की जांच और बैंक रिकॉर्ड की स्कैनिंग जारी
जांच टीम को भरोसा है कि इस केस में कई और बड़े खुलासे होंगे।
अंदरखाने यह भी चर्चा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में गिरफ्तारियां भी संभव हैं।
एक शादी जिसने करियर खत्म कर दिया
एक शादी, जो परिवार के लिए खुशी का जश्न होना चाहिए—
वह शुक्ला के लिए सबसे बड़ा नुकसान साबित हुई।
सोशल मीडिया का एक वीडियो,
हाई-प्रोफाइल मेहमान,
और शाही ठाठ—
सब मिलकर उस राज को खोल गए जो सालों से छिपा था।
अब मामला सिर्फ एक डीएसपी का नहीं, बल्कि
पूरे सिस्टम के भ्रष्टाचार और सत्ता के गठजोड़ पर सवाल खड़े कर चुका है।

