देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में स्थित श्री बाबा फुलेश्वर नाथ मंदिर, ग्राम - नकदह, फुलवरिया में श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का दिव्य आयोजन होने जा रहा है। यह आयोजन 15 मार्च 2025 (शनिवार) से 22 मार्च 2025 (शनिवार) तक चलेगा।
इस महायज्ञ का आयोजन बाबा फुलेश्वर नाथ धर्मार्थ ट्रस्ट (रजि. 21) के तत्वावधान में किया जा रहा है। इस आयोजन का उद्देश्य समाज में धर्म, आध्यात्मिकता और संस्कारों के प्रचार-प्रसार के साथ-साथ श्रद्धालुओं को श्री हरि की भक्ति में लीन करना है।
इस धार्मिक अनुष्ठान में विशेष रूप से श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी का आगमन 17 मार्च को होगा, जिससे भक्तों को दिव्य आशीर्वाद प्राप्त होगा। आयोजन की व्यवस्था में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले ट्रस्ट के पदाधिकारी निम्नलिखित हैं—
संरक्षक: श्री गोपाल जी त्रिपाठी (गुरु जी)
अध्यक्ष: श्री आशुतोष सिंह जी
सचिव: अमित तिवारी भार्गव
महायज्ञ का विस्तृत कार्यक्रम
15 मार्च (शनिवार):
इस पावन दिन श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ एवं श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ होगा। यह कथा प्रतिदिन प्रातः 10:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक और फिर सायं 4:00 बजे से 7:00 बजे तक चलेगी।
17 मार्च (सोमवार):
प्रातः 9:00 बजे – पूरे विधि-विधान से कलश यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में हजारों की संख्या में महिलाएँ, पुरुष और बच्चे भाग लेंगे।
सायं 5:00 बजे – पूज्य श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी का भव्य स्वागत एवं आध्यात्मिक प्रवचन।
18 से 21 मार्च:
प्रतिदिन महायज्ञ की आहुतियाँ प्रातःकाल दी जाएँगी।
भागवत कथा का पाठ भी नियमित रूप से कथा व्यास द्वारा किया जाएगा।
22 मार्च (शनिवार):
महायज्ञ की पूर्णाहुति
भव्य भंडारा एवं प्रसाद वितरण
महायज्ञ का धार्मिक महत्व
श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का आयोजन वैदिक परंपरा के अनुसार किया जा रहा है। इस यज्ञ में श्री हरि विष्णु एवं माता लक्ष्मी की विशेष पूजा-अर्चना की जाएगी। मान्यता है कि इस यज्ञ में शामिल होने से सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं और घर-परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहती है।
श्रीमद्भागवत कथा का विशेष महत्व है क्योंकि यह हमें भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का स्मरण कराकर मोक्ष का मार्ग दिखाती है। कथा श्रवण मात्र से जीवन में सकारात्मक ऊर्जा आती है।
कलश यात्रा का भव्य आयोजन
17 मार्च को निकाली जाने वाली कलश यात्रा महायज्ञ का प्रमुख आकर्षण होगी। यह यात्रा पूरे गाँव एवं आसपास के क्षेत्रों से होकर गुजरेगी। इसमें महिलाएँ विशेष रूप से पारंपरिक परिधान में कलश धारण कर शामिल होंगी।
कलश यात्रा के दौरान भव्य झाँकियाँ भी प्रस्तुत की जाएँगी, जिसमें भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी, श्रीकृष्ण और अन्य देवी-देवताओं के सुंदर चित्रण किए जाएँगे। भक्तों द्वारा जगह-जगह पुष्पवर्षा और स्वागत किया जाएगा।
पूज्य श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी का आगमन
महायज्ञ में 17 मार्च को पूज्य श्री लक्ष्मीप्रपन्न जीयर स्वामी जी का आगमन एक विशेष आकर्षण होगा। वे वैदिक ज्ञान और आध्यात्मिकता के प्रचारक हैं। उनके दिव्य प्रवचनों से भक्तों को आत्मिक शांति प्राप्त होगी।
भागवत कथा का विशेष महत्व
भागवत कथा महायज्ञ के साथ-साथ प्रतिदिन आयोजित की जाएगी। इस कथा में भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं का वर्णन किया जाएगा। विशेष रूप से निम्नलिखित प्रसंगों को विस्तृत रूप से सुनाया जाएगा—
श्रीकृष्ण जन्म
गोवर्धन पूजा
रासलीला
कंस वध
उद्धव संवाद
सुदामा चरित्र
परीक्षित मोक्ष
यज्ञ एवं धार्मिक अनुष्ठान का समाज पर प्रभाव
ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में धर्म, भक्ति और आध्यात्मिकता का प्रसार होता है। महायज्ञ में आहुति देने से न केवल पवित्रता प्राप्त होती है, बल्कि पर्यावरण भी शुद्ध होता है।
यज्ञ के वैज्ञानिक लाभ:
वातावरण में मौजूद हानिकारक जीवाणु एवं विषाणु नष्ट होते हैं।
हवन सामग्री से निकलने वाला धुआँ शुद्धिकरण करता है।
मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।
पूर्णाहुति एवं विशाल भंडारा
22 मार्च को महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ इस दिव्य अनुष्ठान का समापन किया जाएगा। इस दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करेंगे।
श्रद्धालुओं से अपील
इस पवित्र आयोजन में सभी श्रद्धालु सपरिवार सादर आमंत्रित हैं। आयोजकों ने सभी भक्तों से निवेदन किया है कि वे इस आध्यात्मिक महोत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ अर्जित करें।
