रिपोर्ट:सत्य प्रकाश तिवारी
पटना/जहानाबाद/खगड़िया: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे सबसे बड़े ऑपरेशनों में से एक में विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने शुक्रवार की सुबह जहानाबाद के पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) संजीव कुमार के पटना, जहानाबाद और खगड़िया स्थित तीन ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की।इस कार्रवाई में करोड़ों रुपये की अघोषित चल-अचल संपत्ति, कीमती जमीनें, लग्जरी वाहन, महंगे गहने, ट्रक और कई बैंक खातों की जानकारी मिली। इन खुलासों ने पुलिस महकमे से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल मचा दी है।
छापेमारी की पृष्ठभूमि
गुरुवार को विशेष निगरानी इकाई थाना, पटना में संजीव कुमार के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला दर्ज किया गया था। प्राथमिक जांच में यह स्पष्ट हो गया कि दर्ज संपत्ति विवरण वास्तविकता से काफी कम है। इसी आधार पर शुक्रवार तड़के तीन जिलों में एक साथ कार्रवाई की गई।
संजीव कुमार 1994 में सरकारी सेवा में आए थे और कई जिलों में पदस्थापना के दौरान उनकी संपत्ति में असामान्य तेजी से बढ़ोतरी हुई।
तीन जिलों में एक साथ दबिश
- पटना: रामनगरी इलाके में चार मंजिला आलीशान मकान
- जहानाबाद: सरकारी आवास
- खगड़िया: बहुमंजिला अस्पताल परिसर, जहां से निजी कमरे से कई गोपनीय और संवेदनशील दस्तावेज बरामद किए गए
बड़ी बरामदगी – एक नजर में
अचल संपत्ति
- बेगूसराय: 4 प्लॉट – ₹23.50 लाख मूल्य
- खगड़िया: 1 प्लॉट – ₹20 लाख
- समस्तीपुर: 1 भूखंड – ₹12 लाख
- पटना: चार मंजिला इमारत – कीमत कई करोड़
- खगड़िया: बहुमंजिला अस्पताल भवन
व्यावसायिक संपत्ति और वाहन
- डीएसपी की पत्नी के नाम पर 10 ट्रक – कुल अनुमानित मूल्य ₹3 करोड़
- ट्रकों के ईंधन आपूर्ति से जुड़े दस्तावेज
- महिंद्रा SUV और एक मोटरसाइकिल
अन्य बरामदगी
- ₹38 लाख मूल्य के सोने-चांदी के गहने
- कई बैंक खातों का विवरण – SBI, PNB, Bank of India, IDBI में जमा पूंजी की जांच जारी
खगड़िया पोस्टिंग में भू-माफियाओं से गठजोड़
एसवीयू के मुताबिक, खगड़िया में तैनाती के दौरान संजीव कुमार ने भू-माफियाओं के साथ मिलकर जमीन में भारी निवेश किया। ट्रक संचालन से होने वाली कमाई को प्लॉट, इमारत और व्यावसायिक परिसरों में लगाया गया।
जांच का अगला चरण
- बैंक खातों और लेन-देन की फोरेंसिक जांच
- पत्नी और परिजनों की संपत्ति की वैधता की जांच
- अस्पताल से बरामद दस्तावेजों में मिले प्रॉपर्टी डील और वित्तीय लेन-देन की पड़ताल
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत संभावित गिरफ्तारी और संपत्ति जब्ती की कार्रवाई
भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम का हिस्सा
बिहार में बीते कुछ महीनों में कई उच्च पदस्थ अफसरों पर SVU की गाज गिरी है। लेकिन संजीव कुमार का मामला संपत्ति के पैमाने और साक्ष्यों की गंभीरता के कारण राज्य के सबसे बड़े भ्रष्टाचार मामलों में गिना जा रहा है।