लुधियाना – ताजपुर रोड के संजय गांधी नगर, वार्ड नं. 20 में रविवार को एक ऐसा मामला सामने आया जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। मोहल्ले में अचानक सीवरेज जाम हो गया। लोगों ने इसे सामान्य गंदगी या प्लास्टिक कचरे का नतीजा समझा, लेकिन सफाई कर्मचारियों ने जब सीवर का ढक्कन उठाया, तो अंदर का नजारा देख सभी दंग रह गए — सीवर में सैकड़ों यूज्ड कंडोम फंसे थे। यह नजारा देखते ही मोहल्ले वालों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।
मोहल्ले का आरोप: पीजी में रात-दिन संदिग्ध गतिविधियां
स्थानीय लोगों ने सीधे तौर पर पास के एक पीजी (पेयिंग गेस्ट हाउस) में रहने वाले लड़कों पर आरोप लगाया कि वे अक्सर लड़कियां बुलाते हैं और वहां पर देह व्यापार जैसी अवैध गतिविधियां होती हैं। लोगों का कहना है कि रात के समय वहां अजनबी लोगों का आना-जाना बढ़ जाता है, जिससे इलाके का माहौल बिगड़ रहा है।
मोहल्ले के एक बुजुर्ग निवासी ने बताया, "हम कई बार पुलिस को शिकायत कर चुके हैं, लेकिन लगता है कि इन लड़कों की पुलिस से सैटिंग है, तभी कोई कार्रवाई नहीं होती। हमारी बहू-बेटियों का घर से निकलना तक मुश्किल हो गया है।"
सीवर सफाई में निकला 'गंदा सबूत'
जब सीवर साफ किया गया तो सैकड़ों यूज्ड कंडोम बाहर निकले। यह देखकर लोग आपस में बुरी तरह भड़क गए। गुस्साए लोगों ने पीजी को बंद करने और वहां रहने वालों को तुरंत हटाने की मांग की। उनका कहना था कि यह गंदगी सिर्फ सीवर नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले की शांति को गंदा कर रही है।
रातभर का शोर-शराबा और हंगामा
स्थानीय महिलाओं का कहना है कि पीजी में रातभर शराब पार्टी, गाने-बजाने और हंगामे की आवाजें आती हैं। कई बार यहां झगड़े और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं, लेकिन पीजी मालिक और वहां के लोग शिकायतों को अनसुना कर देते हैं।
पीजी मालिक का बयान
पीजी मालिक ने सफाई देते हुए कहा, "मैंने यह जगह किराये पर दी है, रहने वालों के निजी मामलों में मैं दखल नहीं देता। अगर प्रशासन को लगता है कि यहां कोई अवैध गतिविधि हो रही है, तो मैं तुरंत जगह खाली करवा दूंगा।
"प्रशासन पर सवाल और लोगों की मांग
लोगों ने प्रशासन से सवाल किया कि बार-बार शिकायत के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने पुलिस से मांग की कि पीजी को सील किया जाए और इलाके में गश्त बढ़ाई जाए ताकि फिर ऐसी घटनाएं न हों।
यह घटना सिर्फ सीवर जाम का मामला नहीं, बल्कि शहरों में बढ़ते पीजी कल्चर और उसकी आड़ में पनप रही अवैध गतिविधियों पर गंभीर सवाल उठाती है। यह साफ है कि अगर प्रशासन ने सख्ती नहीं दिखाई, तो ऐसे मामले और बढ़ेंगे, जिससे न केवल कानून-व्यवस्था बल्कि समाज की नैतिकता पर भी असर पड़ेगा।