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Helth News:"घुटनों के लिगामेंट ACL और PCL को कैसे रखें मजबूत? जानिए देवरिया के हड्डी व स्पाइन विशेषज्ञ डॉ. एस. के. शर्मा की सलाह।

रिपोर्ट: सत्य प्रकाश तिवारी

हेल्थ डेस्क: घुटनों में यदि स्थिरता और मजबूती नहीं हो, तो न तो इंसान दौड़ सकता है, न सीढ़ी चढ़ सकता है और न ही ठीक से बैठ सकता है। हमारे शरीर के सबसे अहम जोड़ों में से एक – घुटने की इस मजबूती के पीछे अहम भूमिका निभाते हैं दो बेहद ज़रूरी लिगामेंट्स – ACL (एंटीरियर क्रूशिएट लिगामेंट) और PCL (पोस्टीरियर क्रूशिएट लिगामेंट)

इन दोनों लिगामेंट्स की सुरक्षा और देखभाल का सीधा संबंध हमारे जीवन की गुणवत्ता से है। देवरिया के प्रतिष्ठित हड्डी और स्पाइन रोग विशेषज्ञ डॉ. एस. के. शर्मा कहते हैं,

“ACL और PCL किसी भी इमारत के पिलर की तरह हैं। जब ये कमजोर हो जाएं या चोटिल हो जाएं, तो पूरा सिस्टम लड़खड़ा जाता है।”



ACL और PCL: शरीर का संतुलन बनाने वाले अदृश्य योद्धा

ACL और PCL हमारे घुटनों के क्रॉस-लिगामेंट्स होते हैं जो फीमर (जांघ की हड्डी) और टिबिया (पिंडली की हड्डी) को जोड़ते हैं और घुटने को आगे-पीछे खिसकने से रोकते हैं।

✅ जानें क्या है मानव शरीर मे ACL का कार्य।

ACL घुटने को सामने की ओर खिसकने और घूमने से रोकता है। जब हम दौड़ते, कूदते या दिशा बदलते हैं तो ACL सबसे ज्यादा सक्रिय होता है।

✅ जानें क्या है आप के शरीर मे PCL का कार्य।

PCL, ACL के ठीक पीछे होता है और यह घुटने को पीछे की ओर खिसकने से बचाता है। यह स्थिरता देने में अहम होता है, खासकर जब हम कोई भारी वजन उठाते हैं।



कब और कैसे होती है इन लिगामेंट्स में चोट?

डॉ. शर्मा बताते हैं कि ACL और PCL की चोटें अब पहले से कहीं ज्यादा आम हो गई हैं, खासकर।

  • युवाओं और खिलाड़ियों में, जो अचानक मोड़, कूद या दिशा बदलते हैं
  • बाइक/स्कूटर दुर्घटना या गिरने के मामलों में
  • बुजुर्गों में, जिनकी मांसपेशियां और लिगामेंट्स उम्र के साथ कमजोर हो जाती हैं


जानें क्या है ACL चोट के प्रमुख कारण।

  • अचानक दिशा बदलना
  • ज़मीन पर पैर रखते समय घुटने का मुड़ जाना
  • लैंडिंग के समय संतुलन बिगड़ना


जानें PCL चोट के प्रमुख कारण।

  • घुटने पर सीधा झटका लगना (जैसे दुर्घटना में डैशबोर्ड से टक्कर)
  • गिरने के दौरान घुटने का उल्टा मुड़ना
  • भारी वजन को उठाते समय गलत तकनीक


इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज।

यदि इन लक्षणों में से कोई एक भी आपको महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें:

  • घुटने में अचानक “टक” जैसी आवाज़ आना
  • चलने या दौड़ने में अस्थिरता
  • सूजन या घुटने में भराव
  • सीढ़ी चढ़ने या नीचे उतरने में दर्द
  • घुटने का “लूज” हो जाना

डॉ. शर्मा कहते हैं,

“अगर समय रहते जांच और इलाज न हो तो यह सामान्य दर्द, जॉइंट गैप और फिर आर्थराइटिस का कारण बन सकता है।”



कैसे करें ACL और PCL की सुरक्षा? डॉ. शर्मा की 7 खास सलाह

1️⃣ नियमित स्ट्रेचिंग और स्ट्रेंथनिंग एक्सरसाइज करें:

  • व्यायाम से मांसपेशियां मजबूत होती हैं और लिगामेंट्स पर तनाव कम पड़ता है।
  • खासकर क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग्स, काफ मसल्स और ग्लूट्स पर काम करें।

2️⃣ वजन नियंत्रित रखें:

  • मोटापा सीधे घुटनों पर दबाव बढ़ाता है, जिससे लिगामेंट्स पर खिंचाव पड़ता है।

3️⃣ योग और बैलेंसिंग एक्सरसाइज:

  • भुजंगासन, वज्रासन, ताड़ासन, वृक्षासन जैसे आसनों से संतुलन बेहतर होता है।

4️⃣ खेलने से पहले वॉर्मअप और बाद में कूल डाउन करें:

  • अचानक शुरू और खत्म करने से चोट का खतरा ज्यादा होता है।

5️⃣ जूते और फर्श का चयन सोच-समझकर करें:

  • फिसलनभरी सतह या गलत जूते ACL के लिए खतरनाक हो सकते हैं।

6️⃣ घुटनों को सपोर्ट दें:

  • एक्सरसाइज या खेल के दौरान नी कैप या ब्रेसेस पहनें।

7️⃣ गलत मुद्रा में बैठने या उठने से बचें:

  • लंबे समय तक पालथी या जमीन पर बैठना घुटनों के लिए नुकसानदायक हो सकता है।


जानें आप के लिये कितना जरुरी है पोषण।

डॉ. शर्मा कहते हैं कि लिगामेंट्स सिर्फ व्यायाम से नहीं, पोषण से भी मजबूत होते हैं। ये चीजें आहार में शामिल करें:

  • प्रोटीन: दूध, दाल, अंडा, चिकन
  • कैल्शियम: हरी सब्जियाँ, तिल, दूध
  • विटामिन D: धूप, अंडा, मशरूम
  • ओमेगा-3: अलसी, अखरोट, मछली
  • कोलेजन बूस्टर: हड्डी का सूप, जिलेटिन (या सप्लीमेंट्स)


अगर चोट लग ही जाए तो क्या करें?

अपनाएं – R.I.C.E तकनीक:

  • Rest (आराम करें)
  • Ice (बर्फ से सेक करें)
  • Compression (बैंडेज बांधें)
  • Elevation (घुटने को ऊँचा रखें)

डॉ. शर्मा कहते हैं कि अगर 48 घंटे में दर्द या सूजन कम न हो तो MRI जरूर कराएं।


इलाज: कब ज़रूरी है सर्जरी?

ACL या PCL की आंशिक चोटों में केवल फिजियोथेरेपी और आराम से सुधार हो सकता है। परंतु यदि:

  • घुटना लूज महसूस हो
  • चलने में अस्थिरता हो
  • MRI में टियर (फटाव) दिखे

...तो लिगामेंट रिकंस्ट्रक्शन सर्जरी की आवश्यकता पड़ सकती है। आजकल यह कीहोल सर्जरी (अर्थोस्कोपी) द्वारा की जाती है, जो सुरक्षित और जल्दी रिकवरी वाली होती है।


बुजुर्गों के लिए विशेष सावधानियाँ:

  • चलने में सहारा लें (वॉकर या छड़ी)
  • घुटनों को ज़मीन से बचाएं
  • नियमित हल्की एक्सरसाइज करें
  • विटामिन D और कैल्शियम सप्लीमेंट लें


खिलाड़ियों के लिए खास ट्रेनिंग गाइड:

  • स्पोर्ट्स-specific ट्रेनिंग लें
  • संतुलन और तकनीक पर काम करें
  • फिटनेस के अनुसार ही खेलें
  • एक्सरसाइज से पहले नी-बैंड का उपयोग करें


 ACL और PCL स्वस्थ तो जीवन रफ्तार में

ACL और PCL की देखभाल सिर्फ खिलाड़ियों या बुजुर्गों के लिए नहीं, बल्कि हर उस व्यक्ति के लिए ज़रूरी है जो लंबे समय तक बिना दर्द के जीवन जीना चाहता है।
डॉ. एस. के. शर्मा कहते हैं,

“घुटनों की समस्याएं उम्र बढ़ने के साथ आम होती जा रही हैं, लेकिन सही समय पर जानकारी और जागरूकता से महंगी सर्जरी और वर्षों की तकलीफ से बचा जा सकता है।”


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