देवरिया: आज के बदलते मौसम, प्रदूषण और गलत लाइफस्टाइल की वजह से चर्म रोग यानी त्वचा से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। स्किन पर छोटे-छोटे दाने, खुजली, फंगल इंफेक्शन, मुंहासे, सफेद दाग, एलर्जी, सोरायसिस और एक्जिमा जैसे रोग आम हो गए हैं। ऐसे में देवरिया के जाने-माने स्किन स्पेशलिस्ट डॉ. जे कुमार बताते हैं कि समय पर सही इलाज और सावधानी से त्वचा को लंबे समय तक स्वस्थ रखा जा सकता है।
चर्म रोग के मुख्य कारण
डॉ. जे कुमार के अनुसार, त्वचा की समस्याओं के पीछे कई वजहें हो सकती हैं—
- गंदगी और पसीना – बैक्टीरिया और फंगस का पनपना।
- प्रदूषण और धूल – रोमछिद्र बंद होकर इंफेक्शन का खतरा।
- गलत खान-पान – जंक फूड, तैलीय और मसालेदार भोजन से मुंहासे व एलर्जी।
- एलर्जिक रिएक्शन – कॉस्मेटिक्स, डिटर्जेंट, कपड़ों के रंग से प्रतिक्रिया।
- विटामिन की कमी – खासकर विटामिन D और B12।
- अत्यधिक धूप और UV किरणें – सनबर्न, झाइयां, स्किन एजिंग।
चर्म रोग के लक्षण
- त्वचा पर लाल या सफेद चकत्ते
- लगातार खुजली या जलन
- फफोले या पानी भरे दाने
- त्वचा का काला, लाल या सफेद होना
- स्किन का मोटा, रूखा और फटा होना
बचाव के आसान उपाय
डॉ. जे कुमार सलाह देते हैं—
- साफ-सफाई का ध्यान रखें – रोज नहाएं, पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें।
- सनस्क्रीन का उपयोग करें – धूप में निकलने से पहले SPF 30+ लगाएं।
- हेल्दी डाइट लें – हरी सब्जियां, मौसमी फल, पर्याप्त पानी।
- कॉस्मेटिक का सोच-समझकर प्रयोग करें – स्किन टेस्ट के बाद ही नया प्रोडक्ट लगाएं।
- फंगल संक्रमण में तौलिया, कपड़े शेयर न करें।
सही इलाज क्यों ज़रूरी है
अक्सर लोग त्वचा की समस्या में घरेलू नुस्खे या खुद से दवा लगाना शुरू कर देते हैं, जिससे रोग बढ़ सकता है।
डॉ. जे कुमार के अनुसार—
- त्वचा रोग का कारण पहचानना जरूरी है – क्योंकि हर चर्म रोग का इलाज अलग होता है।
- एलोपैथिक, होम्योपैथिक या आयुर्वेदिक इलाज में भी रोग की सही पहचान ही सफल इलाज की कुंजी है।
- क्रीम या स्टेरॉयड का गलत इस्तेमाल स्थायी नुकसान कर सकता है।
देवरिया में आधुनिक स्किन ट्रीटमेंट की सुविधा
डॉ. जे कुमार के क्लिनिक में—
- स्किन एलर्जी टेस्ट
- फंगल व बैक्टीरियल इंफेक्शन का इलाज
- मुंहासे, झाइयां, पिग्मेंटेशन थेरेपी
- लेजर ट्रीटमेंट
- सोरायसिस और एक्जिमा का विशेष इलाज
की सुविधाएं उपलब्ध हैं। - डॉ. जे कुमार का संदेश
"त्वचा हमारे शरीर का आईना है। अगर स्किन में बदलाव दिखे, तो उसे नजरअंदाज न करें। समय पर सही जांच और इलाज से गंभीर चर्म रोग से बचा जा सकता है।"