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UP NEWS: अयोध्या एंटी करप्शन टीम की दबिश: सड़क दुर्घटना केस में 10 हजार की रिश्वत लेते दरोगा रंगे हाथ गिरफ्तार, मोतिगरपुर थाने में केस दर्ज

न्यूज डेस्क: अयोध्या जनपद में सोमवार दोपहर भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एंटी करप्शन टीम ने करौंदीकला थाने में तैनात उप निरीक्षक (SI) शैलेंद्र प्रताप सिंह को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई सड़क दुर्घटना से जुड़े एक केस में रिपोर्ट लगाने के नाम पर की गई कथित अवैध वसूली की शिकायत पर की गई।



मामला जौनपुर जिले के सरपतहा थाना क्षेत्र के ईशापुर गांव निवासी अजय प्रताप सिंह से जुड़ा है। बीते दिनों अजय प्रताप सिंह की कार करौंदीकला थाना क्षेत्र के नरायनपुर गांव के पास एक हादसे में शामिल हो गई थी, जिसमें एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया था। हादसे के बाद पुलिस ने कार को थाने में खड़ा कर दिया। वाहन को रिलीज कराने के लिए अजय प्रताप सिंह ने कोर्ट में अर्जी दी थी, जिस पर कोर्ट ने करौंदीकला पुलिस से आख्या (रिपोर्ट) मांगी।



आरोप है कि इस रिपोर्ट को लगाने के लिए करौंदीकला थाने में तैनात उप निरीक्षक शैलेंद्र प्रताप सिंह ने पीड़ित से 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की। पीड़ित ने इस पूरे प्रकरण की शिकायत अयोध्या एंटी करप्शन टीम से की।




शिकायत की पुष्टि के लिए एंटी करप्शन टीम प्रभारी निरीक्षक अनिल सिंह के नेतृत्व में सोमवार को कार्रवाई की योजना बनाई गई। तय समय पर टीम करौंदीकला थाना परिसर के बाहर पहुंची और पीड़ित को सीरियल नंबर नोट्स एवं पाउडर लगे 10 हजार रुपये देकर दरोगा के पास भेजा। जैसे ही दरोगा ने यह रकम ली और सीसीटीएनएस कक्ष में प्रवेश किया, टीम ने तुरंत दबिश देकर उन्हें रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया।



गिरफ्तारी के बाद आरोपी दरोगा को टीम ने सीधे मोतिगरपुर थाने ले जाकर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज कराया। विजिलेंस टीम प्रभारी अनिल सिंह ने बताया कि मंगलवार को आरोपी को गोरखपुर न्यायालय में पेश किया जाएगा।



इस कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आम जनता का मानना है कि ऐसी सख्त कार्रवाइयों से सरकारी तंत्र में फैले भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा और पीड़ितों को न्याय मिलने का रास्ता आसान होगा।