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Battle Of Galwan Teaser पर मचा बवाल: कॉपी किए सीन, सुस्त एक्टिंग के आरोपों में बुरी तरह ट्रोल हुए सलमान खान, बोले लोग ‘शहीदों का मज़ाक बना रखा’

मुंबई: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपने 60वें जन्मदिन के मौके पर अपनी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘बैटल ऑफ गलवान’ (Battle Of Galwan) का टीज़र जारी किया। यह फिल्म वर्ष 2020 में भारत और चीन के सैनिकों के बीच गलवान घाटी में हुए ऐतिहासिक और साहसिक संघर्ष पर आधारित है। फिल्म का निर्देशन अपूर्वा लखिया ने किया है।

टीज़र रिलीज़ होते ही जहां सलमान खान के फैंस ने इसे देशभक्ति से जोड़ा, वहीं सोशल मीडिया पर एक बड़ा वर्ग इसे लेकर नाराज़ दिखाई दिया। देखते ही देखते टीज़र विवादों में घिर गया और सलमान खान जबरदस्त ट्रोलिंग का शिकार हो गए।



टीज़र पर लगे ‘कॉपी’ के आरोप

टीज़र सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूज़र्स ने आरोप लगाया कि फिल्म के कई सीन पहले से बनी वॉर और मिलिट्री फिल्मों से मिलते-जुलते हैं।

लोगों का कहना है कि गलवान घाटी जैसे संवेदनशील और वास्तविक घटनाक्रम पर आधारित फिल्म में नई सोच और मौलिकता होनी चाहिए थी, लेकिन टीज़र में वही पुराने और घिसे-पिटे सीन देखने को मिले।




एक यूज़र ने लिखा,

“गलवान जैसे गंभीर विषय पर कॉपी किए हुए सीन दिखाना बेहद शर्मनाक है।”

सलमान खान की एक्टिंग पर उठे सवाल

टीज़र में सलमान खान की परफॉर्मेंस को लेकर भी दर्शकों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

कई लोगों ने उनकी एक्टिंग को सुस्त, सपाट और भावनाओं से खाली बताया।

यूज़र्स का कहना है कि गलवान संघर्ष केवल एक एक्शन स्टोरी नहीं, बल्कि भारतीय जवानों के साहस, बलिदान और दर्द की कहानी है, जिसे निभाने के लिए गहरी संवेदनशीलता की ज़रूरत थी।



एक टिप्पणी में लिखा गया,

“सलमान खान इस रोल में फिट नहीं लग रहे, ऐसे किरदार के लिए ज़्यादा गंभीर अभिनय चाहिए था।”

‘शहीदों के बलिदान का अपमान’ – सोशल मीडिया का गुस्सा

ट्रोलिंग का सबसे बड़ा कारण यह रहा कि लोगों ने फिल्म को शहीद जवानों के सम्मान से जोड़कर देखा।

कई यूज़र्स ने आरोप लगाया कि फिल्म का टीज़र गलवान में शहीद हुए जवानों के बलिदान को हल्के अंदाज़ में दिखाता है।



एक यूज़र ने लिखा,

“ये कोई मसाला फिल्म नहीं है, ये शहीदों की कहानी है। इसे एंटरटेनमेंट बना देना शहीदों का मज़ाक उड़ाने जैसा है।”

फैंस उतरे सलमान के समर्थन में

जहां एक तरफ आलोचनाओं की बाढ़ आई, वहीं सलमान खान के फैंस भी खुलकर उनके समर्थन में सामने आए।

फैंस का कहना है कि सिर्फ टीज़र देखकर पूरी फिल्म पर फैसला देना गलत है।

उनका मानना है कि फिल्म रिलीज़ के बाद ही इसके कंटेंट, भावनाओं और संदेश का सही मूल्यांकन किया जाना चाहिए।



निर्देशक और मेकर्स पर टिकी निगाहें

‘बैटल ऑफ गलवान’ जैसी फिल्म से दर्शकों को देशभक्ति, सच्चाई और शहीदों के प्रति सम्मान की उम्मीद है।

अब देखना यह होगा कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक आलोचनाओं से क्या सीख लेते हैं और क्या फिल्म रिलीज़ के समय लोगों की भावनाओं पर खरी उतर पाती है या नहीं।


टीज़र रिलीज़ के साथ ही ‘बैटल ऑफ गलवान’ चर्चा और विवादों का केंद्र बन चुकी है।

सलमान खान के करियर की यह फिल्म जहां एक ओर देशभक्ति का संदेश देने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर इसे लेकर उठे सवाल फिल्म के भविष्य पर असर डाल सकते हैं।

आने वाले दिनों में इस फिल्म को लेकर बहस और तेज़ होने की पूरी संभावना है।