नई दिल्ली: सिगरेट पीने वालों के लिए आने वाले दिन भारी पड़ सकते हैं। केंद्र सरकार की नई कर नीति और तंबाकू उत्पादों पर प्रस्तावित सख्ती के बाद सिगरेट की कीमतों में जबरदस्त उछाल की चर्चा तेज हो गई है। बाजार से लेकर सोशल मीडिया तक यह बात तेजी से फैल रही है कि आने वाले समय में एक सिगरेट की कीमत ₹60 से ₹70 तक पहुंच सकती है। हालांकि अभी अंतिम कीमत ब्रांड और कंपनियों के फैसले पर निर्भर करेगी, लेकिन इतना तय माना जा रहा है कि सिगरेट अब पहले से कहीं ज्यादा महंगी होगी।
टैक्स बढ़ा तो बढ़ेगा दाम, कंपनियां ग्राहकों पर डालेंगी बोझ
सरकारी स्तर पर तंबाकू उत्पादों पर टैक्स ढांचे में बदलाव किया गया है। जानकारों के मुताबिक सिगरेट पर लगने वाले उत्पाद शुल्क और सेस में इजाफा होने से निर्माण लागत बढ़ेगी। ऐसे में सिगरेट कंपनियां इस अतिरिक्त बोझ को सीधे उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं। यही वजह है कि खुदरा बाजार में सिगरेट के दाम तेजी से बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
₹10–₹20 वाली सिगरेट अब बन सकती है ‘लक्ज़री’
अब तक जो सिगरेट 10 या 20 रुपये में आसानी से मिल जाती थी, वह आम आदमी की पहुंच से दूर हो सकती है। कारोबारियों का कहना है कि टैक्स पूरी तरह लागू होने के बाद सिंगल सिगरेट की कीमत ₹40, ₹50 और कुछ ब्रांड्स में ₹70 तक पहुंच सकती है। खासतौर पर बड़े शहरों और प्रीमियम ब्रांड्स में इसका असर सबसे पहले दिखेगा।
सरकार का उद्देश्य: कम हो धूम्रपान, सुधरे सेहत
सरकार का कहना है कि तंबाकू उत्पादों पर टैक्स बढ़ाने का मुख्य मकसद राजस्व बढ़ाने के साथ-साथ लोगों को धूम्रपान से दूर करना है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि कीमतें बढ़ने से युवा वर्ग और नए धूम्रपान करने वालों पर रोक लगेगी। पहले भी जब-जब सिगरेट महंगी हुई है, तब-तब इसकी खपत में गिरावट दर्ज की गई है।
दुकानदारों में चिंता, ग्राहकों की संख्या घटने की आशंका
सिगरेट बेचने वाले छोटे दुकानदारों में भी चिंता देखी जा रही है। उनका कहना है कि दाम बढ़ने से बिक्री पर सीधा असर पड़ेगा। कई दुकानदारों का मानना है कि ग्राहक अब सिगरेट की संख्या कम कर सकते हैं या सस्ते विकल्पों की ओर रुख कर सकते हैं।
अभी क्या है सच्चाई?
फिलहाल ₹70 प्रति सिगरेट को लेकर कोई आधिकारिक कीमत तय नहीं की गई है, लेकिन टैक्स बढ़ने के बाद इतना महंगा होना पूरी तरह संभव माना जा रहा है। अंतिम फैसला सिगरेट कंपनियों की कीमत निर्धारण नीति और राज्य स्तर के करों पर निर्भर करेगा।
कुल मिलाकर साफ है कि आने वाले दिनों में सिगरेट पीना जेब पर भारी पड़ने वाला है। टैक्स की मार और कीमतों में संभावित उछाल से सिगरेट अब आम चीज नहीं रहेगी। ऐसे में यह बदलाव न सिर्फ बाजार को प्रभावित करेगा, बल्कि लोगों की आदतों पर भी बड़ा असर डाल सकता है।

