हेल्थ डेस्क, नई दिल्ली: सर्दियों का मौसम शुरू होते ही नहाने की आदतों में बड़ा बदलाव देखने को मिलता है। ठंड से बचने के लिए लोग कई बार ऐसे तरीके अपनाते हैं, जो सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकते हैं। डॉक्टरों की मानें तो सर्दियों में नहाते समय की गई छोटी-सी लापरवाही भी हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक, हाई ब्लड प्रेशर और गंभीर त्वचा रोगों का कारण बन सकती है। चौंकाने वाली बात यह है कि करीब 90 प्रतिशत लोग रोजाना अनजाने में ये गंभीर गलतियां कर रहे हैं।
बहुत ठंडे पानी से नहाना पड़ सकता है जानलेवा
कई लोग गर्म पानी की सुविधा न होने पर सर्दियों में सीधे ठंडे पानी से नहा लेते हैं। यह आदत शरीर के लिए खतरनाक मानी जाती है। अचानक ठंडा पानी पड़ते ही शरीर की नसें सिकुड़ जाती हैं, जिससे ब्लड प्रेशर तेजी से बढ़ सकता है।विशेषज्ञों के अनुसार बुजुर्गों, हार्ट पेशेंट्स और हाई बीपी से पीड़ित लोगों में इससे हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है।डॉक्टर सलाह देते हैं कि सर्दियों में हमेशा गुनगुने पानी का ही इस्तेमाल करना चाहिए।
खाली पेट या बहुत सुबह नहाना बढ़ा देता है खतरा
ठंड के मौसम में कई लोग यह सोचकर बहुत सुबह नहा लेते हैं कि उस समय पानी ज्यादा गर्म रहता है, खासकर चापाकल या हैंडपंप का पानी। लेकिन खाली पेट नहाना शरीर के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
खाली पेट नहाने से शरीर की ऊर्जा अचानक कम हो जाती है, जिससे चक्कर आना, कमजोरी और ब्लड शुगर गिरने की समस्या हो सकती है।यह आदत कमजोर शरीर वालों, बुजुर्गों और डायबिटीज के मरीजों के लिए बेहद खतरनाक मानी जाती है। नहाने से पहले हल्का नाश्ता या गुनगुना पानी पीना सुरक्षित माना जाता है।
ज्यादा देर तक नहाना बिगाड़ देता है त्वचा की सेहत
सर्दियों में लंबे समय तक नहाने से त्वचा की प्राकृतिक नमी खत्म हो जाती है। इसका असर यह होता है कि त्वचा रूखी, खुजलीदार और फटी हुई नजर आने लगती है। कई मामलों में स्किन एलर्जी, रैशेज और इंफेक्शन का खतरा भी बढ़ जाता है।डॉक्टरों की सलाह है कि सर्दियों में नहाने का समय सीमित रखें और नहाने के तुरंत बाद मॉइस्चराइजर या बॉडी लोशन का इस्तेमाल जरूर करें।
नहाकर तुरंत ठंडी हवा में निकलना पड़ सकता है भारी
कई लोग ऑफिस या स्कूल जाने की जल्दी में नहाने के तुरंत बाद बाहर निकल जाते हैं। अगर शरीर पूरी तरह सूखा न हो और ठंडी हवा लग जाए तो सर्दी-खांसी, बुखार और मांसपेशियों में जकड़न की समस्या हो सकती है।
डॉक्टरों के अनुसार बच्चों और बुजुर्गों में इस वजह से निमोनिया जैसी गंभीर बीमारी का खतरा भी देखा गया है। इसलिए नहाने के बाद शरीर को अच्छी तरह पोंछकर गर्म कपड़े पहनना बेहद जरूरी है।बीमार होने पर भी नहाने की जिद कर सकती है हालत और खराब कई लोग बुखार, सर्दी या कमजोरी के बावजूद रोज नहाने की आदत नहीं छोड़ते। सर्दियों में ऐसा करना शरीर की रिकवरी को धीमा कर देता है।
डॉक्टरों का कहना है कि बीमारी की हालत में नहाने से शरीर पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, जिससे बीमारी जल्दी ठीक होने के बजाय लंबी चल सकती है। ऐसे समय में नहाने से पहले डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।
डॉक्टरों की साफ चेतावनी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि सर्दियों में नहाना जरूरी है, लेकिन सही समय, सही पानी के तापमान और सही तरीके से। थोड़ी-सी सावधानी आपको बड़ी बीमारी और जानलेवा खतरे से बचा सकती है।

