जमुई: (बिहार) बिहार के जमुई जिले में देर रात एक बड़ा रेल हादसा हो गया। सीमेंट से लदी एक मालगाड़ी जसीडीह–झाझा मुख्य रेल खंड पर अचानक पटरी से उतर गई। इस हादसे में मालगाड़ी की 17 बोगियां डिरेल हो गईं, जिनमें से तीन डिब्बे रेल पुल से नीचे नदी में जा गिरे। हादसा रात करीब 12 बजे नॉर्दन रेलवे के आसनसोल रेल मंडल के अंतर्गत हुआ, जिससे पूरे रेल महकमे में हड़कंप मच गया।
आधी रात को दहशत, तेज आवाज से कांपा इलाका
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, देर रात अचानक तेज धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। लोगों ने बाहर निकलकर देखा तो मालगाड़ी के कई डिब्बे एक के बाद एक पटरी से उतरते नजर आए। कुछ बोगियां पटरी के किनारे पलट गईं, जबकि तीन डिब्बे पुल से नीचे नदी में गिर गए। हादसे के बाद आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई।
बड़ा नुकसान, लेकिन कोई जनहानि नहीं
राहत की बात यह रही कि यह मालगाड़ी थी, इसलिए किसी यात्री के हताहत या घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि सीमेंट से लदी बोगियों के डिरेल होने से रेलवे को भारी आर्थिक नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है।
रेल यातायात पूरी तरह ठप, यात्रियों को परेशानी
हादसे के बाद जसीडीह–झाझा रेल खंड पर ट्रेनों का परिचालन पूरी तरह बाधित हो गया। इस रूट से गुजरने वाली कई यात्री और एक्सप्रेस ट्रेनों को जहां-तहां रोक दिया गया। कुछ ट्रेनों को रद्द किया गया, जबकि कई को वैकल्पिक मार्ग से चलाया गया। स्टेशनों पर घंटों तक फंसे यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
मौके पर पहुंचे रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी
घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी, तकनीकी विशेषज्ञ, सुरक्षा बल और राहत टीमें मौके पर पहुंच गईं। क्रेन और भारी मशीनरी की मदद से डिरेल बोगियों को हटाने और ट्रैक को बहाल करने का काम शुरू किया गया। नदी में गिरे डिब्बों को निकालने के लिए विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
जांच के आदेश, कारणों की तलाश जारी
रेलवे प्रशासन ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दे दिए हैं। शुरुआती जांच में ट्रैक में तकनीकी खामी, ओवरलोडिंग या परिचालन संबंधी चूक की संभावना जताई जा रही है, हालांकि हादसे के वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।
जल्द बहाल होगा रेल संचालन
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि युद्धस्तर पर मरम्मत कार्य किया जा रहा है और जल्द से जल्द रेल यातायात बहाल करने की कोशिश की जा रही है। यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य ले लें।
यह हादसा एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और ट्रैक मेंटेनेंस पर सवाल खड़े करता है। लगातार हो रहे रेल हादसों ने यात्रियों की चिंता बढ़ा दी है।

