देवरिया आज के दौर में बदलती जीवनशैली, गलत खानपान, लंबे समय तक बैठकर काम करना और शारीरिक श्रम की कमी के कारण स्पाइन (रीढ़) और घुटनों की समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। ऐसे में जब दर्द असहनीय हो जाए और चलना-फिरना मुश्किल हो जाए, तब मरीज को एक ऐसे डॉक्टर की जरूरत होती है जो न सिर्फ इलाज करे, बल्कि उसे फिर से सामान्य जीवन जीने की उम्मीद भी दे सके। इसी उम्मीद का नाम हैं वरिष्ठ ऑर्थोपेडिक एवं स्पाइन सर्जन डॉ. एस. के. शर्मा, जिन्होंने अपने कुशल हाथों और वर्षों के अनुभव से सैकड़ों मरीजों को नया जीवन दिया है।
दर्द से राहत तक का सफर
स्पाइन और घुटनों की बीमारियां अक्सर व्यक्ति की पूरी दिनचर्या को प्रभावित कर देती हैं। कोई ठीक से खड़ा नहीं हो पाता, तो कोई चलने में असमर्थ हो जाता है। कई मरीज महीनों तक दर्द निवारक दवाइयों पर निर्भर रहते हैं, लेकिन स्थायी राहत नहीं मिल पाती। ऐसे मरीज जब डॉ. एस. के. शर्मा के पास पहुंचे, तो उन्होंने सटीक जांच, आधुनिक तकनीक और सही सर्जिकल प्रक्रिया के माध्यम से उन्हें दर्द से मुक्ति दिलाई।
स्पाइन सर्जरी में विशेष पहचान
डॉ. एस. के. शर्मा को स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में विशेष दक्षता हासिल है। स्लिप डिस्क, सर्वाइकल स्पॉन्डिलाइटिस, लंबर स्पॉन्डिलाइटिस, नसों के दबने जैसी जटिल समस्याओं से पीड़ित मरीजों के उन्होंने सफल ऑपरेशन किए हैं। कई मरीज ऐसे थे, जो महीनों से बिस्तर से उठने में भी असमर्थ थे, लेकिन ऑपरेशन के बाद वे अपने पैरों पर खड़े होकर अस्पताल से घर लौटे।
डॉ. शर्मा का मानना है कि हर मरीज की समस्या अलग होती है, इसलिए इलाज भी व्यक्तिगत होना चाहिए। वे ऑपरेशन से पहले मरीज को उसकी बीमारी, इलाज की प्रक्रिया और संभावित लाभ के बारे में विस्तार से समझाते हैं, जिससे मरीज मानसिक रूप से भी मजबूत हो सके।
घुटनों के ऑपरेशन से लौटी मुस्कान
आजकल बुजुर्गों के साथ-साथ युवाओं में भी घुटनों के दर्द और ऑस्टियोआर्थराइटिस की समस्या तेजी से बढ़ रही है। कई मरीज घुटनों के दर्द के कारण चलना छोड़ देते हैं और सामाजिक जीवन से कट जाते हैं। डॉ. एस. के. शर्मा ने नी रिप्लेसमेंट और अन्य घुटना सर्जरी के जरिए ऐसे सैकड़ों मरीजों को फिर से चलने-फिरने लायक बनाया है।
उनके द्वारा किए गए ऑपरेशनों की खास बात यह है कि मरीज को कम समय में रिकवरी मिलती है और ऑपरेशन के बाद दर्द भी अपेक्षाकृत कम होता है। यही कारण है कि मरीजों का विश्वास डॉ. शर्मा पर लगातार बढ़ता जा रहा है।
मरीजों की जुबानी सफलता की कहानी
डॉ. एस. के. शर्मा के इलाज से लाभान्वित मरीज उनकी तारीफ करते नहीं थकते। एक मरीज ने बताया,
“मैं पिछले दो साल से कमर के दर्द से परेशान था। कई जगह इलाज कराया, लेकिन आराम नहीं मिला। डॉ. शर्मा ने ऑपरेशन किया और आज मैं बिना दर्द के चल पा रहा हूं। मेरे लिए यह किसी चमत्कार से कम नहीं।”वहीं घुटनों के ऑपरेशन से ठीक हुई एक बुजुर्ग महिला ने कहा,“मैं सोच चुकी थी कि अब जिंदगी व्हीलचेयर पर ही कटेगी, लेकिन डॉ. शर्मा ने मुझे फिर से अपने पैरों पर खड़ा कर दिया।”
आधुनिक तकनीक और मानवीय दृष्टिकोण
डॉ. एस. के. शर्मा न सिर्फ एक कुशल सर्जन हैं, बल्कि एक संवेदनशील चिकित्सक भी हैं। वे इलाज में आधुनिक मशीनों और नई तकनीकों का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन साथ ही मरीज के मानसिक और सामाजिक पक्ष को भी उतना ही महत्व देते हैं। उनका मानना है कि डॉक्टर का काम सिर्फ ऑपरेशन करना नहीं, बल्कि मरीज का भरोसा जीतना भी है।
समाज के प्रति जिम्मेदारी
डॉ. शर्मा समय-समय पर निःशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन कर जरूरतमंद मरीजों की जांच और परामर्श भी करते हैं। उनका उद्देश्य है कि आर्थिक तंगी के कारण कोई भी मरीज इलाज से वंचित न रहे। वे युवाओं को भी सही जीवनशैली अपनाने, नियमित व्यायाम करने और रीढ़ व घुटनों की देखभाल के प्रति जागरूक करते रहते हैं।
चिकित्सा जगत में प्रेरणा
आज डॉ. एस. के. शर्मा का नाम स्पाइन और घुटनों की सर्जरी के क्षेत्र में विश्वास का प्रतीक बन चुका है। उनके सफल ऑपरेशनों ने न केवल मरीजों की जिंदगी बदली है, बल्कि चिकित्सा क्षेत्र में भी एक नई प्रेरणा दी है। वे आने वाली पीढ़ी के डॉक्टरों के लिए एक उदाहरण हैं कि मेहनत, ईमानदारी और मरीज के प्रति समर्पण से कैसे समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कहना गलत नहीं होगा कि डॉ. एस. के. शर्मा ने अपने इलाज से सैकड़ों परिवारों में खुशियां लौटाई हैं। जिन घरों में दर्द और निराशा थी, वहां आज उम्मीद और मुस्कान है। स्पाइन और घुटनों के सफल ऑपरेशन के जरिए उन्होंने साबित कर दिया है कि सही इलाज और सच्ची नीयत से हर मरीज को नया जीवन दिया जा सकता है।


