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Deoria News: भगवान विश्वकर्मा प्राकट्योत्सव पर डॉ. एस. के. शर्मा को मिला ‘विश्वकर्मा गौरव सम्मान’, मेधावी छात्रों का किया गया सम्मान

रिपोर्ट सत्य प्रकाश तिवारी 

देवरिया जिले के गौरीबाजार स्थित मंगलम मैरिज हॉल में श्री भगवान विश्वकर्मा प्राकट्योत्सव के पावन अवसर पर भव्य विश्वकर्मा गौरव सम्मान समारोह का आयोजन बड़े ही श्रद्धा, उत्साह और गरिमामय वातावरण में किया गया। इस समारोह में जिले के मशहूर आर्थोपेडिक एवं स्पाइन सर्जन डॉ. एस. के. शर्मा को चिकित्सा के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान और समाज सेवा के लिए विश्वकर्मा गौरव सम्मान से सम्मानित किया गया।


कार्यक्रम की शुरुआत भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के समक्ष विधिवत पूजा-अर्चना और दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद सांस्कृतिक एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया, जिसमें विश्वकर्मा समाज के सैकड़ों लोग उपस्थित रहे। पूरे आयोजन स्थल को आकर्षक ढंग से सजाया गया था, जिससे वातावरण भक्तिमय और उल्लासपूर्ण बना रहा।


चिकित्सा सेवा के लिए मिला सम्मान

समारोह के दौरान आयोजकों ने बताया कि डॉ. एस. के. शर्मा वर्षों से आर्थोपेडिक और स्पाइन सर्जरी के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने न केवल आधुनिक चिकित्सा पद्धतियों से हजारों मरीजों का सफल इलाज किया है, बल्कि गरीब, असहाय और जरूरतमंद मरीजों को भी निरंतर सहयोग प्रदान किया है। इसी सामाजिक सरोकार और मानव सेवा की भावना को देखते हुए उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया।

सम्मान ग्रहण करते समय मंच पर मौजूद समाज के लोगों ने तालियों की गड़गड़ाहट के साथ डॉ. शर्मा का स्वागत किया। आयोजकों ने अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और प्रशस्ति पत्र भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।


मेधावी छात्रों का बढ़ाया हौसला

इस अवसर पर डॉ. एस. के. शर्मा ने समाज के मेधावी और प्रतिभाशाली छात्रों को भी मंच पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। उन्होंने छात्रों को प्रशस्ति पत्र एवं पुरस्कार प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। डॉ. शर्मा ने कहा कि शिक्षा समाज की रीढ़ है और मेधावी छात्रों को सम्मानित करने से उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।


उन्होंने छात्रों से मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी के साथ आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि आज का विद्यार्थी ही कल का भविष्य निर्माता है। यदि युवा शिक्षा और संस्कारों के साथ आगे बढ़ेंगे, तो समाज और देश दोनों मजबूत होंगे।


समाज को दिया प्रेरणादायी संदेश

अपने संबोधन में डॉ. एस. के. शर्मा ने भगवान विश्वकर्मा के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान विश्वकर्मा सृजन, कौशल और परिश्रम के प्रतीक हैं। उनके बताए मार्ग पर चलकर समाज को तकनीकी दक्षता, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने समाज के लोगों से आपसी एकता बनाए रखने और सामाजिक कुरीतियों से दूर रहने की अपील की।


बड़ी संख्या में लोग रहे मौजूद

कार्यक्रम में विश्वकर्मा समाज के वरिष्ठ पदाधिकारी, समाजसेवी, शिक्षक, छात्र एवं महिलाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहीं। सभी ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे समाज को जोड़ने वाला और प्रेरणादायी बताया।


सफल आयोजन पर आयोजकों की सराहना

समारोह के अंत में आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों का आभार व्यक्त किया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया और भगवान विश्वकर्मा के जयघोष के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।


यह सम्मान समारोह न केवल भगवान विश्वकर्मा प्राकट्योत्सव की गरिमा को दर्शाता है, बल्कि समाज में शिक्षा, सेवा और सम्मान की भावना को भी मजबूती प्रदान करता है। डॉ. एस. के. शर्मा को मिला विश्वकर्मा गौरव सम्मान पूरे देवरिया जिले के लिए गौरव की बात मानी जा रही है।