Riport:satya Prakash tiwari
देवरिया।महर्षि देवरहा बाबा स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय, देवरिया में शुक्रवार की शाम एक मार्मिक और भावनात्मक माहौल देखने को मिला, जब एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं और चिकित्सकों ने दिवंगत आकाश पांडे को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला। मेडिकल कॉलेज के मुख्य द्वार से शुरू हुआ यह कैंडल मार्च पूरे परिसर में शांति और अनुशासन के साथ निकाला गया, जिसमें बड़ी संख्या में छात्र, इंटर्न डॉक्टर, रेजिडेंट डॉक्टर और वरिष्ठ चिकित्सक शामिल हुए।
कार्यक्रम का आयोजन मेडिकल कॉलेज की प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान डॉ. श्वेता सिंह, CMS डॉ. एच. के. मिश्रा, डॉ. प्रियंका राय, डॉ. शालिनी गुप्ता, डॉ. संजय भट्ट, डॉ. खुसरो नुमानी और डॉ. अंसी सहित कई चिकित्सक उपस्थित रहे। सभी ने मोमबत्तियां जलाकर आकाश पांडे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।
कैंडल मार्च के दौरान छात्रों के हाथों में पोस्टर और बैनर थे, जिन पर “Justice for Aakash”, “आकाश पांडे को न्याय दो” और “दोषियों को सजा दो” जैसे नारे लिखे हुए थे। छात्र शांतिपूर्वक परिसर में घूमते हुए अपनी मांगों को व्यक्त कर रहे थे।
घटना ने पूरे मेडिकल कॉलेज को झकझोर दिया
बताया जा रहा है कि आकाश पांडे एक होनहार छात्र थे और उनका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना था। उनकी असामयिक और दर्दनाक मौत की खबर जैसे ही मेडिकल कॉलेज परिसर में पहुंची, छात्रों और शिक्षकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई।
जानकारी के अनुसार, आकाश पांडे के साथ हुई घटना बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण परिस्थितियों में घटी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक किसी विवाद और मारपीट की घटना के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई। बाद में इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।
घटना के बाद से ही छात्र-छात्राओं और उनके मित्रों में गहरा आक्रोश और दुख देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि एक प्रतिभाशाली और मेहनती छात्र को इस तरह खो देना समाज और चिकित्सा जगत के लिए बड़ी क्षति है।
छात्रों ने उठाई निष्पक्ष जांच की मांग
कैंडल मार्च में शामिल छात्रों ने प्रशासन से मांग की कि आकाश पांडे की मौत के मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराई जाए। उनका कहना था कि यदि समय रहते इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में ऐसी घटनाएं दोहराई जा सकती हैं।
छात्रों ने कहा कि आकाश पांडे जैसे प्रतिभाशाली युवाओं की सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करना समाज और प्रशासन दोनों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि किसी भी व्यक्ति को कानून से ऊपर होने का अहसास न हो।
छात्रों का कहना था कि इस मामले में सच्चाई सामने आनी चाहिए और पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए।
“हमने एक भविष्य के जीवनरक्षक को खो दिया”
कैंडल मार्च के दौरान कई छात्रों ने भावुक होकर अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि आकाश पांडे केवल एक छात्र नहीं थे, बल्कि भविष्य के डॉक्टर थे, जिनका सपना लोगों की जिंदगी बचाना था।
एक छात्र ने कहा,
“हमने सिर्फ एक दोस्त नहीं खोया है, बल्कि समाज ने एक ऐसा व्यक्ति खो दिया है जो आने वाले समय में हजारों लोगों की जिंदगी बचा सकता था। इसलिए हम चाहते हैं कि उन्हें न्याय मिले।”
एक अन्य छात्र ने कहा कि यह सिर्फ एक व्यक्ति का मामला नहीं है, बल्कि यह पूरे छात्र समुदाय की सुरक्षा और सम्मान से जुड़ा विषय है।
शिक्षकों और चिकित्सकों ने भी जताया समर्थन
मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ चिकित्सकों और शिक्षकों ने भी छात्रों के इस शांतिपूर्ण आंदोलन का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि छात्रों की भावनाओं का सम्मान किया जाना चाहिए और इस मामले में पारदर्शी जांच होनी चाहिए।
प्राचार्य डॉ. रजनी पटेल ने भी छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले रहा है। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की अन्यायपूर्ण घटना हुई है तो दोषियों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई होनी चाहिए।
इस दौरान उपस्थित अन्य चिकित्सकों ने भी कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में पढ़ने वाले छात्र समाज के लिए एक उम्मीद होते हैं और उनकी सुरक्षा सर्वोपरि होनी चाहिए।
श्रद्धांजलि सभा में नम आंखों से दी विदाई
कैंडल मार्च के बाद मेडिकल कॉलेज परिसर में श्रद्धांजलि सभा का भी आयोजन किया गया। इस दौरान सभी छात्रों और चिकित्सकों ने दो मिनट का मौन रखकर आकाश पांडे की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
सभा में मौजूद कई छात्र भावुक हो गए। कुछ छात्रों की आंखों में आंसू भी दिखाई दिए। सभी ने एक स्वर में कहा कि आकाश पांडे की याद हमेशा उनके दिलों में जिंदा रहेगी।
छात्रों ने यह भी कहा कि जब तक आकाश पांडे को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक वे अपनी आवाज उठाते रहेंगे।
सोशल मीडिया पर भी उठी न्याय की मांग
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी “Justice for Aakash” अभियान तेजी से चलने लगा है। कई छात्र, डॉक्टर और आम नागरिक इस मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लोग आकाश पांडे की तस्वीरें साझा कर उन्हें श्रद्धांजलि दे रहे हैं और उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त कर रहे हैं।
शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ कैंडल मार्च
मेडिकल कॉलेज परिसर में निकाला गया कैंडल मार्च पूरी तरह शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। छात्रों ने अनुशासन बनाए रखते हुए अपनी मांगों को प्रशासन तक पहुंचाया।
इस दौरान कॉलेज प्रशासन भी मौके पर मौजूद रहा और पूरे कार्यक्रम पर नजर बनाए रखी। किसी प्रकार की अव्यवस्था या तनाव की स्थिति नहीं बनी।
न्याय की उम्मीद के साथ समाप्त हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम के अंत में छात्रों और चिकित्सकों ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द न्याय दिलाने का काम करेगा।
सभी ने एक स्वर में कहा कि आकाश पांडे की याद हमेशा उनके दिलों में जीवित रहेगी और वे उनके सपनों को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
कैंडल मार्च और श्रद्धांजलि सभा के साथ यह कार्यक्रम समाप्त हुआ, लेकिन छात्रों के दिलों में एक ही आवाज गूंजती रही—
“आकाश पांडे को न्याय मिलना चाहिए।”


