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Deoria News: बीटेक बायोटेक्नोलॉजी में नीलम शर्मा को प्रथम श्रेणी, देवरिया की बेटी ने बढ़ाया मान — संघर्ष, समर्पण और सफलता की प्रेरक कहानी

रिपोर्ट: सत्य प्रकाश तिवारी 

देवरिया: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की होनहार बेटी नीलम शर्मा ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत सच्ची हो, तो सफलता निश्चित है। Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University से वर्ष 2025 में आयोजित परीक्षा में नीलम शर्मा ने बायोटेक्नोलॉजी विषय में बीटेक की डिग्री प्रथम श्रेणी में प्राप्त कर न सिर्फ अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। विश्वविद्यालय द्वारा जारी डिग्री प्रमाण पत्र ने उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन पर आधिकारिक मुहर लगा दी है।


यह उपलब्धि सिर्फ एक शैक्षणिक सफलता नहीं, बल्कि एक प्रेरक यात्रा का परिणाम है, जिसमें मेहनत, संघर्ष, अनुशासन और परिवार के सहयोग की अहम भूमिका रही है।


बचपन से ही मेधावी रहीं नीलम

नीलम शर्मा बचपन से ही पढ़ाई में तेज और लक्ष्य के प्रति गंभीर रही हैं। उनके शिक्षकों का कहना है कि नीलम हमेशा कक्षा में अव्वल रहने वाली छात्रा थीं और हर विषय को गहराई से समझने की कोशिश करती थीं। उनकी यही आदत उन्हें दूसरों से अलग बनाती थी।


उनकी प्रारंभिक शिक्षा Universal Public School से हुई, जहां उन्होंने वर्ष 2017 में हाईस्कूल की परीक्षा अच्छे अंकों से उत्तीर्ण की। इसके बाद उन्होंने RBT Vidyalaya से वर्ष 2020 में इंटरमीडिएट की परीक्षा पास की। इस दौरान भी उनका प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा।


बायोटेक्नोलॉजी जैसा चुनौतीपूर्ण विषय चुना

इंटरमीडिएट के बाद नीलम ने एक ऐसा विषय चुना जिसे काफी चुनौतीपूर्ण माना जाता है—बायोटेक्नोलॉजी। उन्होंने IMS Engineering College में दाखिला लेकर बीटेक की पढ़ाई शुरू की।


बायोटेक्नोलॉजी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें विज्ञान, तकनीक और रिसर्च का गहरा मेल होता है। इसमें सफलता पाने के लिए निरंतर अध्ययन, प्रयोग और नई चीजों को सीखने की क्षमता जरूरी होती है। नीलम ने इन सभी चुनौतियों को स्वीकार किया और पूरे समर्पण के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी।


मेहनत और अनुशासन बना सफलता का आधार

नीलम की सफलता के पीछे उनकी कड़ी मेहनत और अनुशासित जीवनशैली का बड़ा योगदान है। उन्होंने कभी भी अपनी पढ़ाई के साथ समझौता नहीं किया और हर परिस्थिति में अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा।

कॉलेज के दौरान उन्होंने न सिर्फ थ्योरी बल्कि प्रैक्टिकल और रिसर्च वर्क में भी खास रुचि दिखाई। उनके प्रोफेसर्स के अनुसार, नीलम उन छात्रों में से थीं जो हर विषय को समझने के लिए अतिरिक्त समय देती थीं और नई-नई चीजें सीखने के लिए हमेशा उत्साहित रहती थीं।


प्रथम श्रेणी में हासिल की बड़ी सफलता

वर्ष 2025 में जब Dr. A.P.J. Abdul Kalam Technical University के परिणाम घोषित हुए, तो नीलम शर्मा ने बायोटेक्नोलॉजी में प्रथम श्रेणी हासिल कर अपनी मेहनत का फल पाया। यह उपलब्धि उनके लिए ही नहीं, बल्कि उनके परिवार और पूरे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बन गई।


परिवार का मिला पूरा सहयोग

नीलम की इस सफलता में उनके परिवार का भी अहम योगदान रहा है। उनके पिता अजय कुमार शर्मा और माता पिंकी शर्मा ने हमेशा उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया और हर कदम पर उनका साथ दिया।


परिवार ने कभी भी संसाधनों की कमी को उनकी पढ़ाई में बाधा नहीं बनने दिया। यही वजह है कि नीलम पूरी तरह से अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर सकीं।


भाई ने जताया गर्व

नीलम के बड़े भाई Dr. S. K. Sharma, जो एक प्रतिष्ठित ऑर्थो स्पाइन सर्जन हैं, ने अपनी बहन की सफलता पर खुशी जताते हुए कहा—

"हमें अपनी बहन पर बहुत गर्व है। उसने कड़ी मेहनत और समर्पण से यह मुकाम हासिल किया है। हमें विश्वास है कि वह आगे भी इसी तरह सफलता की नई ऊंचाइयों को छुएगी।"

उनके इस बयान से साफ झलकता है कि परिवार नीलम की उपलब्धि से कितना गौरवान्वित है।



बेटियों के लिए बनी प्रेरणा

नीलम शर्मा की यह सफलता उन सभी बेटियों के लिए एक प्रेरणा है, जो बड़े सपने देखती हैं और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष कर रही हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आज भी कई चुनौतियां होती हैं, लेकिन नीलम ने यह साबित किया है कि सही दिशा और मेहनत से हर बाधा को पार किया जा सकता है।


समाज में सकारात्मक संदेश

नीलम की इस उपलब्धि से समाज में एक सकारात्मक संदेश गया है। लोगों का कहना है कि बेटियों को अगर सही अवसर और समर्थन मिले, तो वे किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहतीं।

स्थानीय शिक्षाविदों और समाजसेवियों ने नीलम की सफलता को सराहते हुए कहा कि यह उपलब्धि आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करेगी।


आगे की योजनाएं

नीलम शर्मा अब अपने करियर को और आगे बढ़ाने की योजना बना रही हैं। सूत्रों के अनुसार, वे बायोटेक्नोलॉजी के क्षेत्र में रिसर्च या उच्च शिक्षा की दिशा में कदम बढ़ा सकती हैं।

उनका लक्ष्य है कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और देश के विकास में करें।


शिक्षकों और क्षेत्रवासियों ने दी बधाई

नीलम की इस उपलब्धि पर उनके शिक्षकों, दोस्तों और क्षेत्रवासियों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि वे आगे भी इसी तरह सफलता की नई मिसाल कायम करें।


नीलम शर्मा की सफलता एक ऐसी कहानी है जो यह सिखाती है कि मेहनत, लगन और सही मार्गदर्शन से कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं है। उनकी यह उपलब्धि न सिर्फ उनके परिवार बल्कि पूरे देवरिया जिले के लिए गर्व का विषय है। नीलम शर्मा की यह उपलब्धि आने वाले समय में हजारों युवाओं, खासकर बेटियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।